ब्रह्माकुमारी राजयोग शिविर में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति, श्रद्धालुओं को मिला प्रसाद

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राजयोग में शामिल लोग

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'तनावमुक्त जीवन के लिए राजयोग मेडिटेशन' शिविर का समापन हुआ. शिविर में शिव और शंकर के बीच का अंतर समझाया गया और आत्मा-परमात्मा के संबंध से शांति का संदेश दिया गया.

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Motihari News: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, राजयोग सेवा केंद्र रामगढ़वा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय "तनावमुक्त जीवन के लिए राजयोग मेडिटेशन" शिविर का समापन हो गया. समापन सत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, सकारात्मक और तनावमुक्त रखने के उपाय बताए गए. श्रद्धालुओं ने सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया.

शिव और शंकर में बताया गया अंतर

पूर्वी चंपारण की प्रभारी बी.के. पूनम बहन ने आध्यात्मिक विषयों पर जानकारी देते हुए शिव और शंकर के बीच अंतर समझाया. उन्होंने त्रिमूर्ति के कर्तव्यों की व्याख्या करते हुए कहा कि परमपिता परमात्मा शिव, ब्रह्मा बाबा के माध्यम से नई सतयुगी दुनिया की स्थापना का कार्य करते हैं. विष्णु के माध्यम से नई दुनिया की पालना और शंकर के माध्यम से पुरानी कलयुगी दुनिया के विनाश की बात कही गई.

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि शिव परमात्मा हैं और शंकर विनाश के कार्य से जुड़े देवता हैं.

आत्मा-परमात्मा के संबंध से शांति का संदेश

बी.के. मनीषा दीदी ने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव जन्म-मरण के चक्र में नहीं आते, जबकि मनुष्य आत्माएं जन्म-मरण के चक्र से जुड़ी होती हैं. उन्होंने उपस्थित लोगों से अपनी पहचान शरीर के बजाय आत्मा के रूप में करने और परमात्मा शिव से सच्चा संबंध जोड़ने की बात कही.

उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से मन को शांत, सकारात्मक और तनावमुक्त बनाने में मदद मिल सकती है.

बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने बांधा समां

शिविर के समापन अवसर पर बच्चों ने गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया. प्रस्तुति और आध्यात्मिक संदेश से कार्यक्रम का वातावरण आनंदमय और भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने भी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की.

श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण

कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया. संस्थान के मीडिया प्रभारी श्याम भाई ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन सीखने के इच्छुक लोगों के लिए सेवा केंद्र पर नियमित सत्र आगे भी जारी रहेंगे.

ब्रह्माकुमारी परिवार ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

आयोजन को सफल बनाने में बी.के. किरण बहन, बी.के. रागिनी बहन, बी.के. रिमझिम बहन, बी.के. रंजू बहन सहित ब्रह्माकुमारी परिवार के कई सदस्यों और स्थानीय सेवाधारियों का योगदान रहा.

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Intejarul Haq

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