Motihari News: मंत्रिमंडल विस्तार में उपेक्षित हुआ गांधी का पूर्वी चंपारण

Published by :Purushottam Kumar
Published at :07 May 2026 7:40 PM (IST)
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Motihari News: बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में पूर्वी चंपारण को फिर प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से एनडीए समर्थकों में नाराजगी है. जिले के 11 विधायक होने के बावजूद किसी को मंत्री पद नहीं मिला. इसे गांधी की धरती चंपारण की उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है. जानिए खबर विस्तार से…

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Motihari News: बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में पूर्वी चंपारण को एक बार फिर प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से जिले के एनडीए समर्थकों में निराशा देखी जा रही है. जिले से एनडीए के कुल 11 विधायक होने के बावजूद किसी भी विधायक को कैबिनेट में जगह नहीं दी गई. इसे गांधी की कर्मभूमि चंपारण की लगातार उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है.एनडीए के कई ऐसे विधायक हैं, जो कई बार चुनाव जीत चुके हैं और लंबे राजनीतिक अनुभव रखते हैं. इसके बावजूद भी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से सभी वर्गों में मायूसी है.

पिछली सरकार में भी नहीं मिला था प्रतिनिधित्व

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले मंत्रिमंडल में भी पूर्वी चंपारण से किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया था. ऐसे में इस बार जिले के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को काफी उम्मीदें थीं कि चंपारण को प्रतिनिधित्व मिलेगा, लेकिन कैबिनेट विस्तार के बाद उम्मीदों पर पानी फिर गया.

कई अनुभवी नेताओं के नाम थे चर्चा में

जिले के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम मंत्री पद की दौड़ में चर्चा में थे. पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, राणा रणधीर सिंह और कृष्णनंदन पासवान पहले भी बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए अपनी कार्यशैली और प्रशासनिक क्षमता का परिचय दे चुके हैं. वहीं जदयू विधायक शालिनी मिश्रा को भी शिक्षित और अनुभवी चेहरा माना जाता है.इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी से जुड़े राजू तिवारी को भी एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है. बावजूद इसके, जिले से किसी को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

गांधी के चंपारण की उपेक्षा का आरोप

स्थानीय लोगों और समर्थकों का कहना है कि पूर्वी चंपारण ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है. महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन की धरती होने के बावजूद जिले को लगातार नजरअंदाज किया जाना लोगों को खटक रहा है.

मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट

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Purushottam Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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