महाशिवरात्री आज, जलाभिषेक के लिए शिवायल सजधज कर तैयार

Published at :25 Feb 2025 10:14 PM (IST)
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महाशिवरात्री आज, जलाभिषेक के लिए शिवायल सजधज कर तैयार

जिले भर में महाशिवरात्रि को लेकर माहौल भक्तिमय हो गया है. शहर से लेकर गांव तक के शिवालयों को रंग रोगन के साथ ही सज धज कर तैयार कर दिया गया है.

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मोतिहारी . जिले भर में महाशिवरात्रि को लेकर माहौल भक्तिमय हो गया है. शहर से लेकर गांव तक के शिवालयों को रंग रोगन के साथ ही सज धज कर तैयार कर दिया गया है. बुधवार को महाशिवरात्री है, श्रद्धालु भक्त बुधवार को शिवालय में जलाभिषेक करेंगे. वहीं देर शाम गाजे-बाजे के साथ बाबा की बारात निकलेगी. मंगलवार को पूजन समाग्री की खरीदारी को ले हाट-बाजार में चहल-पहल दिखी. शहर के मीना बाजार, बलुआ, ज्ञानबाबू चौक, जानपुल चौक, कचहरी चौक आदि हाट-बाजारों में पूजन समाग्री की दुकाने सजी थी, जहां लोग खरीदारी करते दिखे. अरेराज के प्रसिद्ध बाबा सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. सुरक्षा को लेकर दंडाधिकारी के साथ पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. वहीं शहर के चांदमारी दुर्गा, मंदिर, माई स्थान, बलुआ दुर्गा मंदिर, कचहरी चौक, नगर थाना परिसर, एलआरपी कॉलोनी स्थित महादेव मंदिर, मीना बाजार महादेव मंदीर, स्टेशन परिसर स्थित शिव मंदिर, नरसिंह बाबा मंदिर, छतौनी स्थित बैधी माई स्थान, बेलही देवी, सहपी देवी मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों को फुल व रंग बिरंगे लाइटों से सजा जा रहा है. नगर इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि महाशिवरात्री को लेकर शहर के शिव मंदिरों व उसके आसपास सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहेगा. कहा कि थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में मंगलवार से 48 घंटे का अष्टयाम तो वहीं कही-कही भजन-किर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है. आर्ष विद्या शिक्षण-प्रशिक्षण सेवा संस्थान वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील पाण्डेय ने बताया कि परम पवित्र व्रत एवं सर्वश्रेष्ठ महाशिवरात्री व्रत 26 फरवरी को है. व्रत का पारण दुसरे दिन अर्थात गुरूवार को प्रात काल किया जायेगा. देवाधिदेव महादेव का निराकार से साकार के रूप में प्रकटीकरण का यह महान पर्व जगह-जगह अपनी श्रद्धा व परम्परा के अनुसार शिवभक्तों के लिए यह वर्षभर का सबसे पुनीत पर्व होता है. इन समग्रियों से करें भगवान शिव की पूजा घरों व मंदिरों में शिवलिंग को जल एवं पंचामृत से स्नान कराने के बाद चंदन, भस्म, अक्षत, पुष्प, बिल्वपत्र, दूर्वा, शमी, तुलसी, मंजरी, मदार पुष्प, धतूरे का पुष्प व फल, कमल पुष्प, भांग, अबीर, गुलाल, इत्र, धूप, दीप व नैवेद्य आदि से सपरिवार शिव का पून कर आरती व पुष्पांजलि करने का विधान है. इस दिन विभिन्न समाग्रियों से अभिषेक करे. इस मौके पर रूद्धाभिषेक करने का भी विशेष महत्व है.

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