भारत-नेपाल सीमा पर फंसे 2500 से अधिक भारतीय

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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लॉकडाउन के बीच भारत-नेपाल सीमा के लैंड कस्टम स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में भारतीय नागरिकों का जमावड़ा लगा है. नेपाल के दूर-दराज से पहुंचे लोग रविवार रात करीब 12 बजे भारत में प्रवेश की अनुमति मांगने लगे

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रक्सौल : लॉकडाउन के बीच भारत-नेपाल सीमा के लैंड कस्टम स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में भारतीय नागरिकों का जमावड़ा लगा है. नेपाल के दूर-दराज से पहुंचे लोग रविवार रात करीब 12 बजे भारत में प्रवेश की अनुमति मांगने लगे. बताया जाता है कि नेपाल प्रशासन ने इन लोगों को कामगार का पास देकर वीरगंज भेज दिया था. इसके बाद रात में ही ये लोग सीमा पर आ गये. सोमवार की सुबह सात बजे तक करीब 2500 के आसपास लोग जमा हो गये.

करीब आठ बजे तक एसएसबी के सेनानायक प्रियवर्त शर्मा, एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ संजय कुमार झा व अनुमंडल के अन्य अधिकारी पहुंच गये. दोपहर 12 बजे तक मंथन चलता रहा, लेकिन प्रवेश की कोई गुंजाइश नहीं बनी. 11:54 बजे रक्सौल पहुंचे डीएम शीर्षत कपिल अशोक व पुलिस अधीक्षक नवीनचंद्र झा ने प्रवेश की अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार नेपाल सरकार के संपर्क में है.

बताया कि इन लोगों को रहने अौर खाने की व्यवस्था वीरगंज में भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा किया जायेगा. इन्हें लॉकडाउन की अवधि में भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. भारतीय महावाणिज्य दूतावास के काउंसिल बी सुरेश कुमार ने बताया कि केंद्र स्तर पर यह निर्णय हुआ है कि, इन लोगों को अभी भारत में इंट्री नहीं दी जायेगी, जिसके बाद वीरगंज स्थित महावाणिज्य दूतावास द्वारा लोगों के रहने के लिए वीरगंज के अंदर ठाकुर राम कॉलेज में प्रबंध किया गया है.

फैक्टरी मालिक ने नहीं दिया पैसा, मकान मालिक ने खाली कराया घर

सुपौल. अन्य प्रदेशों से सोमवार को ट्रक व बस से जिला मुख्यालय पहुंचे़ जिला प्रशासन ने बाहर से आनेवाले लोगों के लिए हर पंचायत व जिला मुख्यालय में ठहरने की व्यवस्था की है़ रविवार की शाम से सोमवार तक कई ट्रकों व बसों में अन्य जिले से लोग पहुंचे. दिल्ली, पंजाब, मुंबई, राजस्थान से आनेवाले लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद वहां कामकाज बंद होने से भूखमरी की स्थिति पैदा हो गयी थी. सदर प्रखंड के सितुहर निवासी लक्ष्मण कुमार, वीरेंद्र यादव, रामरतन यादव आदि ने अपनी पीड़ा सुनायी. बताया कि फैक्टरी मालिक न तो पैसे देते थे और न ही मकान मालिक रहने दिया़ मकान मालिक जबरन मकान खाली करा दिया. इसके बाद वे लोग दो दिनों तक सड़कों पर अपने बच्चों के साथ रात बितायी.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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