एक लाख 56 हजार हैं उपभोक्ता
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Jun 2016 5:32 AM
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जिले भर में 1 लाख 56 हजार 194 घरेलू गैस के उपभोक्ता हैं. विभाग के अनुसार इसमें शहर मुख्यालय स्थित गीतांजलि इंटरप्राइजेज में 21816, गंगानंद एजेंसी में 16341, भारत गैस एजेंसी में 4426 उपभोक्ता हैं. जबकि आर एन एजेसी, अनिला एजेंसी के उपभोक्ताओं का आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है. इन उपभोक्ताओं के नाम […]
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जिले भर में 1 लाख 56 हजार 194 घरेलू गैस के उपभोक्ता हैं. विभाग के अनुसार इसमें शहर मुख्यालय स्थित गीतांजलि इंटरप्राइजेज में 21816, गंगानंद एजेंसी में 16341, भारत गैस एजेंसी में 4426 उपभोक्ता हैं. जबकि आर एन एजेसी, अनिला एजेंसी के उपभोक्ताओं का आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है. इन उपभोक्ताओं के नाम पर हर माह करीब एक लाख गैस सिलिंडर की आपूर्ति जिले भर में हो रही है.
उपभोक्ताओं को आवाज उठानी चािहए
एसडीओ शाहिद परवेज ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को छूट नहीं दी जा रही है तो उपभोक्ताओं को भी आवाज उठाना चाहिए और प्रशासन कठोरता से काम करेगा.
होगी पहल : आपूिर्त पदािधकारी सुधीर कुमार ने बताया कि इस दिशा में पहल की जायेगी.
मधुबनी : शहर सहित पूरे जिले में रसोई गैस का गोदाम ये उठाव किये जाने के नाम पर हर माह करीब पांच लाख से दस लाख रुपये से अधिक का गड़बड़ी किया जा रहा है. नियम की अनदेखी कर उपभोक्ताओं को इस छूट से वंचित रखा जा रहा है. कुछ उपभोक्ताओं में जानकारी का अभाव तो कुछ विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कि जो छूट की राशि उपभोक्ताओं को मिलनी चाहिए वह एजेंसी के जेब में जा रही है.
नहीं मिल रहा उपभोक्ताओं को छूट का लाभ :गैस सिलिंडर का उठाव गोदाम से किये जाने पर उपभोक्ताओं को 18 रुपये का छूट दिया जाना है. पर ऐसा अमूमन हो नहीं रहा है. सूत्रों की मानें तो आधे से भी अधिक उपभोक्ता गैस का उठाव गोदाम से कर रहे हैं. अब यदि जिला भर में एक लाख 56 हजार 194 उपभोक्ता हैं और इसमें यदि हर माह आधे उपभोक्ताओं के लिये भी गैस की आपूर्ति होती है तो करीब 78 हजार सिलिंडर होता है. हालांकि जानकारों का कहना है कि कम से कम हर माह एक लाख से उपर गैस सिलिंडर का आवंटन किया जाता है. इस प्रकार यदि एजेंसी शहर के 30 हजार उपभोक्ताओं को भी होम डिलिवरी कर रही है तो भी करीब 50 हजार उपभोक्ता गोदाम से गैस का उठाव करते हैं. इस प्रकार कम से कम 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का छूट होता है. जो उपभोक्ताओं को नहीं दिया जा रहा है.
हो चुका है आंदोलन छूट नहीं दिये जाने को लेकर साल 2014 में व्यापक रूप से आंदोलन किया गया था. मिथिला विकास परिषद के तत्वावधान में अजय यश के साथ शहर के कई लोगों ने समाहरणालय मुख्यालय के सामने 13 फरवरी 2014 से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था.
आम लोगों को इस आंदोलन का पूरा समर्थन मिला. दो दिन बाद 15 फरबरी को सदर एसडीओ के इस आश्वासन के बाद अनशन टूट गया कि इस पर नजर रखी जायेगी. पर अब तक कुछ भी नहीं हो सका
मिथिला विकास परिषद के तत्वावधान में अजय यश के साथ शहर के कई लोगों ने समाहरणालय मुख्यालय के सामने 13 फरवरी 2014 से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था. आम लोगों को इस आंदोलन का पूरा समर्थन मिला. दो दिन बाद 15 फरबरी को सदर एसडीओ के इस आश्वासन के बाद अनशन टूट गया कि इस पर नजर रखी जायेगी. पर अब तक कुछ भी नहीं हो सका
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