होल्डिंग टैक्स देनेवालों का ही बनेगा प्रमाणपत्र
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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नगर परिषद द्वारा नागरिक सुविधा देने के प्रति उत्तरदायित्व दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. जिसे नप आंतरिक स्रोत से पूरा करती है. विभाग को सालाना 1.25 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है. इसमें होल्डिंग टैक्स से 86 लाख रुपये सालाना आमदनी होती है, लेकिन लोग टैक्स जमा करने के प्रति उदासीन बने रहते हैं. […]
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नगर परिषद द्वारा नागरिक सुविधा देने के प्रति उत्तरदायित्व दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. जिसे नप आंतरिक स्रोत से पूरा करती है. विभाग को सालाना 1.25 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है. इसमें होल्डिंग टैक्स से 86 लाख रुपये सालाना आमदनी होती है, लेकिन लोग टैक्स जमा करने के प्रति उदासीन बने रहते हैं. ऐसे सरकार का यह निर्णय नगर परिषद की आंतरिक आय बढ़ाने में सहायक होगा.
नगर परिषद की सालाना आमदनी बढ़ाने का लिया गया निर्णय
मधुबनी : नगर परिषद से मिलने वाली सुविधा सिर्फ होल्डिंग अद्यतन जमा करने वालों को ही मिलेगी. नगर विकास विभाग ने इस आशय का पत्र जारी कर दिया है. किसी भी तरह के प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र ठेकेदारों के रूप में पंजीकरण, कचरा उठाव दाखिल खारिज सहित अन्य नागरिक सेवा को प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपने आवेदन के साथ चालू वर्ष होल्डिंग टैक्स भुगतान का रसीद प्रस्तुत करना होगा.
दरअसल, नगर निकायों पर नागरिक सुविधाओंके सामायिक निदान एवं उत्तर दायित्व दिन प्रतिदिन बढ़ती जाती है.
इसका भार मुख्यत: नगर परिषद के आंतरिक संसाधनों पर पड़ता है. समय से होल्डिंग टैक्स नहीं जमा होने के कारण आंतरिक स्रोत में कमी हो जाती है.
इससे विकास के कई कार्य व नागरिक सुविधा देने में नगर परिषद पिछड़ी रहती है. 86 लाख लाभ-शहर में तेरह हजार होल्डिंग धारक है. नगर परिषद को होल्डिंग टैक्स से सालाना 86 लाख रुपयेे प्राप्त होता है. इससे शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों से 54 लाख तथा सरकारी विभाग से 32 लाख रुपये सालाना आमदनी होती है.
सरकारी विभाग पर अधिक बकाया
होल्डिंग टैक्स देने में सरकारी विभाग उदासीन बनी हुई है. वित्तीय वर्ष 2015-16 में शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों से 54 लाख सालाना में से 75 प्रतिशत राशि जमा हो चुकी है. जबकि सरकारी विभाग द्वारा 32 लाख सालाना होल्डिंग टैक्स का मात्र पांच प्रतिशत ही जमा हो सकी है. ऐसे में नगर परिषद के पास सरकारी विभाग से होल्डिंग टैक्स वसूल करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
बढ़ जायेगा आय
होल्डिंग टैक्स समय से जमा नहीं करने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ जायेगी. इस नियम के लागू हो जाने से नप की आमदनी में वृद्धि होगी. कार्यालय सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में नप क्षेत्र में 13 हजार पांच सौ होल्डिंग धारक है. इससे 86 लाख
सालाना आमदनी होनी चाहिए, लेकिन समय से इसका भुगतान नहीं किया जा रहा हैं.
बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं
समय से होल्डिंग टैक्स जमा हो जाने से नगर परिषद के आमदनी बढ़ेगी. इस आंतरिक स्रोत से विकास के कई काम किये जा सकते है. गौरतलब हो कि स्टांप ड्यूटी, दाखिल खारिज, होल्डिंग टैक्स सहित अन्य प्रकार से आंतरिक स्रोत से 1.5 करोड़ रुपये सालाना लक्ष्य है. इससे होल्डिंग टैक्स से सबसे अधिक 86 लाख रुपये सालाना आमदनी होती है.
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