मोहल्ले व सड़कें जलमग्न
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मधुबनी : बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है. मंगलवार की रात से हो रहे रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर के मोहल्लों व सड़कों में जलजमाव हो गया है. शहर में जाम परे नाले व जाम परे कैनाल से बारिश का पानी थम सा गया है. बारिश की चंद पानी के बूंदों […]
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मधुबनी : बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है. मंगलवार की रात से हो रहे रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर के मोहल्लों व सड़कों में जलजमाव हो गया है. शहर में जाम परे नाले व जाम परे कैनाल से बारिश का पानी थम सा गया है. बारिश की चंद पानी के बूंदों ने पूरे शहर की लबालब कर दिया है.
जलजमाव इसलिए क्योंकि शहर में सारे नाले जाम परे हैं. ऐसा नहीं है कि नगर परिषद प्रशासन ने बरसात पूर्व इसकी तैयारी नहीं की हो, लेकिन ये सारी तैयारी मानो कागज पर ही सिमट कर रह गयी हो. केनाल के सफाई अभियान तो शुरू किया गया पर एक दो जगहों पर सफाई के बाद बंद कर दिया गया. वहीं शहर के आधे से अधिक नाले कच्चे हैं. जो जल जमाव का मुख्य कारण है. शहर का मुख्य बाजार हो या रिहाइसी इलाका या फिर दफ्तर सभी इलाका पानी-पानी है.
गाद से पटा है कैनाल : शहर जब बसा था तो यहां रहने वालों ने पानी के निकासी के लिए केनाल का निर्माण कराया था. जिससे यहां के रहने वालों को जलजमाव से जूझना न पड़े. समय बीतता गया आबादी बढ़ती चली गयी पर केनाल का अतिक्रमण होता गया. जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ होती गई.
उधर, ऊपर से सिकुड़ते केनाल गाद से भरता चला गया. हर बार अतिक्रमण खाली कराने के लिए नप प्रशासन सोचती है. पर दबाव के कारण मसला ज्यों की त्यों बनी रही. वहीं केनालों की सफाई के नाम पर खाना पूर्ति होती रहती है. गौरतलब हो कि शहर में जल निकासी के लिए लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी तीन केनाल, वाटसन, किंस व राज केनाल हैं.
नालों की सफाई जरूरी : शहर में साफ सफाई के लिए नप प्रशासन की ओर से स्वयंसेवी संस्था काम कर रही है. वहीं सफाई के लिए नप कर्मी भी काम कर रहे है. पर सड़कों की सफाई का काम हो रहा है. वहीं नालों की सफाई का काम पूरी तरह नहीं हो पाता है. शहर के बहुत कम इलाका है जहां से नाला गुजरा हो वहीं कुछ इलाके में सड़क से ऊंचा नाला है. कचरा से भरा नाला जल जमाव का प्रमुख कारण बना हुआ है.
इन इलाकों में जलजमाव : जलजमाव से न सिर्फ सड़कें व रिहाइसी इलाके पूरी तरह प्रभावित है बल्कि सरकारी कार्यालयों के परिसर भी लबालब भरा है. डीआरडीए परिसर में जल जमाव से डीडीसी कार्यालय, जिला कल्याण कार्यालय, जिला नियोजन कार्यालय, आइसीडीएस के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के कार्यालय में जाना मुश्किल हो गया है. सदर अस्पताल बिजली कार्यालय सहित कई प्रमुख कार्यालय परिसर में जल जमाव के कारण लोगों को कार्यालय आने जाने में भारी परेशानी हो रही है.
आवासीय मोहल्ले भी प्रभावित : शहर के विभिन्न मुहल्लों में भी जल जमाव होने से लोग परेशान हैं. बीएन झा कॉलोनी, तिरहुत कॉलोनी, स्टेडियम कॉलोनी, लहेरियागंज गदियानी, चभच्च, भौआड़ा आदि मोहल्लों में जलजमाव का नजारा है.
कई शैक्षणिक संस्थानों के परिसर में भी जलजमाव होने से छात्रों को स्कूल आने जाने में काफी कठिनाई हो रही है. अल्पसंख्यक छात्रवास में रह रहे छात्रों को भी जल जमाव से काफी कठिनाई हो रही है. महिला कॉलेज रोड झील में तब्दील बारिश के कारण महिला कॉलेज रोड झील में तब्दील हो गया है. छात्राओं को महाविद्यालय जाने में काफी दिक्कत हो रही है. बारिश से शहर की स्थिति नारकीय बन गई है.
क्या कहते हैं मुख्य पार्षद : नगर परिषद के मुख्य पार्षद खालिद अनवर ने कहा कि शहर के कुछ इलाकों में जल जमाव की समस्या बनी हुई है. इसे जल्द ही दुर कर लिया जायेगा. शहर में नालों की कमी है. इसके लिए विभाग को लिखा गया है. आदेश मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.
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