शिलापट्ट पर नाम नहीं होने से विधायकों में आक्रोश

Published at :18 Mar 2015 7:04 AM (IST)
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शिलापट्ट पर नाम नहीं होने से विधायकों में आक्रोश

मधुबनी : रविवार को सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी जिले में 234 विभिन्न विकास योजनाओं का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने वाट्सन हाई स्कूल परिसर में योजनाओं के दर्जनों शिलापट्ट लगाये गये थे. पर इन शिलापट्ट में मुख्यमंत्री के अलावे विधान मंडल के सदस्यों का नाम नहीं होना अब विवाद का विषय बन […]

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मधुबनी : रविवार को सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी जिले में 234 विभिन्न विकास योजनाओं का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने वाट्सन हाई स्कूल परिसर में योजनाओं के दर्जनों शिलापट्ट लगाये गये थे. पर इन शिलापट्ट में मुख्यमंत्री के अलावे विधान मंडल के सदस्यों का नाम नहीं होना अब विवाद का विषय बन गया है. विधान परिषद में याचिका समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने तो इस मसले पर जिला प्रशासन को मंगलवार को पत्र भेज कर इस पर आपत्ति जतायी है.
पत्र में कहा गया है कि शिलापट्ट पर जनप्रतिनिधियो ंका नाम नहीं होना विधान मंडल के सदस्यों का विशेषाधिकार हनन है. साथ ही यह जानकारी भी जिला पदाधिकारी से मांगी गयी है कि आखिर किसके निर्देश पर विधान मंडल के सदस्यों का शिलापट्ट पर नाम अंकित नहीं किया गया. इस मसले को लेकर जिले के अधिकांश विधायक व विधान पार्षद आक्रोश में है. कई सदस्यों ने इसे लोक तंत्र का अपमान बताते हुए मसले को विधान मंडल के पटल पर रखने की बात कही है. जबकि कुछ सदस्यों ने तो यहां तक कहा है कि भले ही यह मामला दिखने और सुनने में छोटा लगता हो पर यह एक गंभीर और लोकतांत्रित प्रक्रिया से जुड़ा हुआ मसला है.
क्या कहते हैं जिलाधिकारी
शिलापट्ट पर विधान मंडल दल के जिला के प्रतिनिधि ने नाम नहीं रहने के संबंध में जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने कहा है कि शिलापट्ट पर प्रोटोकाल के अनुसार माननीय सांसद, विधायक एवं विधान पार्षद लिखा हुआ है. जिले के सभी सांसद, विधायक एवं विधान मंडल दल के सदस्य का नाम देना संभव नहीं है. ऐसा करने पर शिलापट्ट का आकार काफी बड़ा हो जायेगा और इसे बनाने में खर्चा भी अधिक आयेगा.
क्या कहते हैं विधायकगण
विधान परिषद में याचिका समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने ही इस मसले पर जिला प्रशासन से जवाब मांगा है. उनका कहना है कि लोकतांत्रित प्रक्रिया में जिला प्रशासन की यह कदम निश्चय ही खेद जनक है. इसी को लेकर जिला प्रशासन से जवाब मांगा गया है कि आखिर क्यो और कैसे शिलापट्ट में जिले से संबद्ध विधान मंडल के सदस्यो ंका नाम अंकित नहीं किया गया. 19 मार्च तक जिला प्रशासन के जवाब का इंतजार किया जायेगा. इसके बाद मुख्य सचिव से बात होगी. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य सचिव से जनप्रतिधियों के मान सम्मान का जो अपमान हुआ है उस कार्रवाई की मांग की जायेगी.
जनप्रतिधियों की गरिमा को लगी ठेस
झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्र ने शिलापट्ट में विधान मंडल के सदस्यों के नाम नहीं होना वाकई में चौकाता है. यह किसी भी दृष्टि से लोकतांत्रिक मूल्य को नहीं दर्शाता है. यह जनता के भावनाओं का अनादर है. क्योंकि विधायक, विधान पार्षद व सांसद जनता के प्रतिनिधि होते है. जनप्रतिनिधि चाहे वार्ड सदस्य हो या सांसद सभी की अपनी गरिमा होती है.
लोकतंत्र का हुआ अपमान : उमाकांत
बाबूबरही के राजद विधायक उमाकांत यादव ने योजनाओं के शिलापट्ट में विधान मंडल के सदस्यो ंका नाम नहीं रहने के मामले को गंभीर बताया है. उनका कहना है कि सरकार का भी निर्देश है कि जिस क्षेत्र की योजना होगी. विधायकों का नाम शिलापट्ट में होना चाहिए.
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