Madhubani News: श्रम मानकों की उड़ी धज्जियां, 17 घंटे ड्यूटी के आदेश से भड़के कर्मचारी

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सांकेतिक तस्वीर

Madhubani News: मधुबनी जिला शिक्षा कार्यालय में अब परिचारियों को नाईट गार्ड के रूप में 17 घंटे की लंबी ड्यूटी देनी होगी. डीईओ के इस आदेश से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और इसे श्रम मानकों के विपरीत बताया जा रहा है. जानिए खबर विस्तार…

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 Madhubani News: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय द्वारा जारी एक ताजा आदेश ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बीच भारी नाराजगी और बेचैनी पैदा कर दी है. आदेश के मुताबिक, अब जिला शिक्षा कार्यालय और स्थापना शाखा की सुरक्षा के लिए परिचारियों को ही ‘नाईट गार्ड’ की जिम्मेदारी निभानी होगी. इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को शाम 5 बजे से अगले दिन सुबह 10 बजे तक ड्यूटी पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है.

सुरक्षा के नाम पर 17 घंटे का कार्यभार

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कार्यालय में कार्य की अधिकता और सरकारी भवन की सुरक्षा का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से दस परिचारियों की प्रतिनियुक्ति की है. जारी पत्र के अनुसार, ये कर्मचारी रोटेशन के आधार पर हर महीने नाईट गार्ड का काम करेंगे. उन्हें शाम 5 बजे कार्यालय की चाबी लेनी होगी और अगले दिन सुबह 10 बजे दूसरे कर्मी को चाबी सौंपकर ही मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मिलेगी. इस प्रकार, एक कर्मचारी को लगातार 17 घंटे तक कार्यालय परिसर में रहना अनिवार्य होगा.

इन कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी

कार्यालय आदेश के तहत मो. जाहिद, विनय कुमार झा, संजीव कुमार झा, मुकेश कुमार झा, सुरेंद्र कुमार यादव, सुरेश कुमार कर्ण, आदित्य कुमार चौधरी, बटोही चौपाल, सूर्यनारायण चौधरी और नवल कुमार मिश्र को नाईट गार्ड के रूप में चिह्नित किया गया है.

कर्मचारियों में भारी आक्रोश

इस आदेश को लेकर कर्मचारी संघ और संबंधित कर्मियों में गहरा असंतोष है. कर्मियों का तर्क है कि लगातार 17 घंटे तक ड्यूटी लेना श्रम मानकों का खुला उल्लंघन है. इससे न केवल उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित होगी. हालांकि, विभागीय सूत्रों का दावा है कि यह व्यवस्था कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी रूप से लागू की गई है.

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

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Purushottam Kumar

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By Purushottam Kumar

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