मधुबनी : स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को बेहतर पौष्टिक पथ्य आहार में प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च करने की कवायद कर रहा हो. लेकिन हकीकत में एजेंसी द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीजों को किसी प्रकार पथ्य आहार उपलब्ध करायी जा रही है.
आलम यह है कि रविवार को सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज भूख से बिलबिलाते रहे. पथ्य आहार एजेंसी द्वारा मरीजों को न तो सुबह का नास्ता दिया गया और नहीं दोपहर 2 बजे तक भोजन. जिसके कारण मरीज भूख से बिलबिलाते रहे. और भोजन का इंतजार करते रहे. विडंबना यह है कि मरीजों को निर्धारित पथ्य आहार की सूची के अनुरूप न तो नास्ता और न ही भोजन एजेंसी द्वारा दी जा रही है.
लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस समस्या से बेखबर कभी भी भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन व नास्ता की सुधि लेना भी मुनासिव नहीं समझता है. कई महीनों से भर्ती मरीजों को शाम में चाय व बिस्किट भी नहीं दिया जा रहा है. इतना ही नहीं प्रतिदिन भोजन में मिठाई अथवा दही व फल भी नहीं दिया जा रहा है. जबकि सदर अस्पताल के वार्ड एवं प्रसव कक्ष के वार्ड में भर्ती मरीजों के पथ्य आहार के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रति माह लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है.
रविवार को नहीं मिला नाश्ता व भोजन. सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज हरलाखी बलूआ टोला निवासी 34 वर्षीय राम उदगार यादव, बेला रामपुर निवासी 34 वर्षीय राम उदगार यादव, बेला रामपुर निवासी 45 वर्षीय राम कलेवर यादव, 50 वर्षीय देव कुमार यादव, पंडौल महदीपुर निवासी 40 वर्षीय आनंद साह, अमादा निवासी 72 वर्षीय बुचकुन ठाकुर, इजरा निवासी 32 वर्षीय सुनील यादव, प्रसव कक्ष के वार्ड में भर्ती ककना निवासी पूजा देवी, बेलाही निवासी रानी देवी व महिला वार्ड में 70 वर्षीय पवित्री देवी, रामपरी देवी ने बताया कि रविवार को नास्ता और भोजन नहीं दिया गया.
वहीं शनिवार की रात खिचड़ी दिया गया वह भी सभी मरीजों को नहीं दी गई. दिन के भोजन में चावल, दाल व आलू की सब्जी,शाम में चाय व बिस्कूट भी नहीं दिया जाता है. और रात में 4 रोटी व आलू की सब्जी भोजन में दिया जाता है. मरीज राम उदगार यादव सहित सभी मरीजों ने बताया कि भोजन इतना कम दिया जाता है कि पेट भी नहीं भरता है. मांगने पर कहा जाता है कि मरीज भरपेट खाना खाता है.
मीनू के अनुरूप नहीं दिया जाता भोजन. सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को लिए लिए ज्ञान भारती शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पथ्य आपूर्ति के अनुबंधित है. विभाग द्वारा प्रति मरीज प्रति दिन 74 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है. पथ्य आहार मीनू चार्ट के अनुसार मरीजों को एजेंसी सुबह का नास्ता 8 बजे देना है. वहीं दोपहर का भोजन 12 से 1 बजे तक देना है. इसके अलावा संध्या 3 से 4 बजे एक कप चाय तथा 4 पीस मिठा या नमकीन बिस्कीट. रात्रि भोजन 7 से 8 बजे तक. अस्पताल प्रबंधक मजीद ने बताया कि प्रसव कक्ष की ए ग्रेड द्वारा जानकारी दी गयी है. कि रविवार को मरीजों को नास्ता व पथ्य आहार नहीं दिया गया है.
एजेंसी को तत्काल भोजन सहित मीनू के अनुरूप मरीजों को पथ्य आहार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. ऐसा नहीं करने पर एजेंसी के विपत्र से कटौती किया जायेगा.
150 ग्राम आटा की रोटी, 100 ग्राम हरी सब्जी, आलू, प्याज टमाटर की 100 ग्राम सब्जी तथा मौसमी फल 1 पीस या मिठाई 1 पीस देना है. जबकि विशेष रूप से बिमार मरीज के लिए अधीक्षक एवं अस्पताल प्रबंधक के परामर्श के अनुसार पथ्य आहार की आपूर्ति करना है. लेकिन एजेंसी द्वारा सभी मानकों को ताक पर रखते हुए प्रतिदिन चावल, दाल व आलू की सब्जी, दोपहर में तथा रात में रोटी व सब्जी तथा सुबह में 4-5 ब्रेड व आधा पानी मिला दूध 100 मीली लीटर ही दिया जाता है. चाय, मिठाई, दही व हरी सब्जी की बात तो दीगर है.
प्रसव कक्ष की ए ग्रेड स्टाफ नर्स ममता कुमारी, आशा कुमारी व हेमलता ने भी रविवार को प्रसव कक्ष के भर्ती मरीजों नास्ता व भोजन एजेंसी द्वारा नहीं दिये जाने की पुष्टि की है. सदर अस्पताल के स्थापना लिपिक बी भारद्वाज ने बताया कि एजेंसी को प्रति माह लगभग 80 से 85 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है. जबकि प्रसव कक्ष के भर्ती मरीजों को पथ्य का भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा भी 50 से 60 हजार तक किया जाता है. विदित हो कि प्रसव कक्ष में प्रति माह लगभग 5 से 6 मरीजों का प्रसव होता है.