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Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 May 2018 5:29 AM (IST)
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अस्पताल में लगा कचरे का ढेर, सफाई नदारद मधुबनी : जिला अस्पताल से लेकर प्रखंड स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई की लचर व्यवस्था को कचरे का अंबार लग गया है. साफ-सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय अस्पताल प्रबंधन एजेंसी का कटौती कर भुगतान करने की बात बताकर पल्ला झाड़ रहा है. जबकि, जिला पदाधिकारी […]
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अस्पताल में लगा कचरे का ढेर, सफाई नदारद
मधुबनी : जिला अस्पताल से लेकर प्रखंड स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई की लचर व्यवस्था को कचरे का अंबार लग गया है. साफ-सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय अस्पताल प्रबंधन एजेंसी का कटौती कर भुगतान करने की बात बताकर पल्ला झाड़ रहा है. जबकि, जिला पदाधिकारी द्वारा साफ-सफई का नये सिरे से निविदा निकालने का निर्देश स्वास्थ्य समिति को दिया है.
कचरे का लगा है ढ़ेर. बीते दो तीन माह से सदर अस्पताल का साफ-सफाई व्यवस्था काफी दयनीय स्थिति में है. जिसके कारण सदर अस्पताल में जगह-जगह कूड़ा कचरा अंबार लग गया है. इसके साथ ही अस्पताल के विभिन्न वार्डो के शौचालय की स्थिति भी दयनीय है. सफाई नहीं होने के कारण शौचालय मरीजों द्वारा प्रयोग भी नहीं किया जाता है. सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष के सामने से भी कचरा का उठाव कई दिनों से नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड, महिला वार्ड व ओटी के समीप रखा कचरा बॉक्स कचड़े से भर गया है. लेकिन, उसका उठाव नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण अस्पताल परिसर में आवारा पशु प्राय: कचरा बॉक्स में रखा कचड़ा खाते रहते हैं. आलम यह है कि ओपीडी जाने वाले रास्ते पर नालियों का पानी सड़क पर फैल रहा है.
वर्ष 2016 में पुष्प भारती संस्था को साफ-सफाई का टेंडर दिया गया था. उक्त एजेंसी द्वारा जिला अस्पताल से लेकर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई किया जाता है. लेकिन, एक दो माह से एजेंसी द्वारा साफ-सफाई मामले में काफी उदासीनता दिखाया जा रहा है. अनुमंडल पदाधिकारी जयनगर व झंझारपुर द्वारा क्रमश: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लदनियां व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झंझारपुर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को दिया है.
लाखों रुपये प्रतिमाह होता है भुगतान. सफाई एजेंसी को प्रतिमाह साफ-सफाई मद में लगभग दो लाख रुपये का भुगतान केवल जिला अस्पतालों में किया जाता है. जबकि, साफ-सफाई का आलम यह है कि पूरे सदर अस्पताल में हर जगह कचरा व गंदगी का अंबार है. स्थिति इतनी बदतर हो गयी है कि इमरजेंसी व महिला वार्ड के समीप रखे गये कचड़े के बॉक्स से सड़ांध की दुर्गंध आती है. इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया जाता है कि सफाई एजेंसी को कभी 15 तो कभी 20 प्रतिशत की कटौती कर शेष राशि का भुगतान किया जाता है. जबकि, जिला पदाधिकारी सफाई एजेंसी का निविदा रद्द करते हुए नयी निविदा निकालने का भी आदेश जिला स्वास्थ्य समिति को पूर्व में ही दिया जा चुका है.
साथ ही नयी निविदा निकालने जाने तक व्यवस्था के तहत साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया गया है. लेकिन, अस्पताल प्रबंधन द्वारा जिला पदाधिकारी के आदेश का भी कोई खास असर नहीं दिख रहा है. और मनमाने ढ़ंग से सफाई एजेंसी को भुगतान किया जा रहा है. ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी की एजेंसी को किये जा रहे भुगतान के बदले कई अधिकारी व कर्मियों को भी नजराना प्राप्त होता है.
जल्द निकाली जायेगी िनविदा. सीएस डाॅ अमरनाथ प्रसाद ने बताया है कि जिला स्वास्थ्य समिति से जल्द ही निविदा निकाली जायेगी. सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के तहत निविदा निकाले जाने की तैयारी की जा रही है.
सदर अस्पताल में साफ सफाई का वैकल्पिक इंतजाम किया जायेगा.
कचरों का लगा अंबार अस्पताल प्रबंधन द्वारा एजेंसी को कटौती कर किया जाता है भुगतान
जिला स्वास्थ्य समिति को निविदा निकालने
का दिया गया निर्देश
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