एक करोड़ खर्च, फिर भी हाई टेंशन तार में बंच केबुल नहीं

Published at :10 Oct 2017 11:33 AM (IST)
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एक करोड़ खर्च, फिर भी हाई टेंशन तार में बंच केबुल नहीं

मधुबनी/राजनगर : जर्जर, झूलते बिजली तार से बीते कुछ सालों मेंं दर्जनों लोगों की मौत हो गयी है. पर इसके बाद भी अब तक विभाग नहीं चेत रहा है. बीते डेढ़ साल मेंं करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. पर इसके बाद भी विभाग नहीं चेत रहा है. आलम यह […]

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मधुबनी/राजनगर : जर्जर, झूलते बिजली तार से बीते कुछ सालों मेंं दर्जनों लोगों की मौत हो गयी है. पर इसके बाद भी अब तक विभाग नहीं चेत रहा है. बीते डेढ़ साल मेंं करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
पर इसके बाद भी विभाग नहीं चेत रहा है. आलम यह है कि हाई टेंशन तार भी बांस पर झूलता है और लगातार तार की सप्लाई की जा रही है. बीते दो साल पहले छठ पर्व के दिन जयनगर मेंं हाई टेंशन तार के टूट कर गिर जाने से सातलोगों की मौत हो गयी थी. इसके बाद इस साल 15 अप्रैल को मंगरौनी मेंं तार के टूट कर गिरने से दो युवकों की मौत हो गयी थी.
राजनगर के चपाही गांव से हाटी डीह मेंं इन दिनों नौ पोल झुके हुए है. जिसे बांस के सहारे किसी तरह गिरने के बचाने की कोशिश ग्रामीणों द्वारा की जा रही है.
यह पोल कब गिर जाये कुछ कहा नहीं जा सकता. सबसे अधिक खतरे की बात यह कि इसी झुके पोल के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है. जर्जर तार से आये दिन हादसे हो रहे हैं. पर इसके बाद भी इसे दुरूस्त करने की पहल नहीं हो रही. जानकारी के अनुसार हाई टेंशन बिजली तार गिरने से जयनगर अनुमंडल मेंं पिछले साल छठ पर्व के दिन सात व्यक्तियों की मौत हो गयी
इसी प्रकार राम जानकी कॉलोनी मेंं एक युवक की मौत हो गयी. वहीं बेलाही मेंं तार की चपेट मेंं आने से भोला पासवान के बेटा की मौत हो गयी थी. इससे पूर्व 11 नंबर गुमती के समीप मछली मारने के दौरान हाई टेंशन तार के संपर्क मेंं आने से मलंगिया निवासी की मौत हो गयी थी.
वहीं 14 अप्रैल को राजनगर मेंं ही एक युवक की चापाकल लगाने के दौरान 11 हजार पावर के तार मेंं पाइप के छू जाने से एक युवक की मौत हो गयी थी. इसी प्रकार 15 अप्रैल को मंगरौनी मेंं दो युवक बिजली के 11 हजार पावर के तार टूटने से उसके चपेट मेंं आने से मौत हो गयी.
हाल ही मेंं कई अन्य जगहों पर भी मौत हो गयी है.
जिकेसी नहीं किया काम : आईपीडीएस प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता सुभाष कुमार प्रसाद ने बताया कि जिकेसी का कार्य दिसंबर 16 मेंं खत्म हो गया. प्रोजेक्ट द्वारा शहरी क्षेत्रों में लगभग 7 किलो मीटर बंच केबुल लगाया गया. जबकि 300 मीटर 11 हजार लाइन में तार बदलने का का काम भी किया गया.
नार्थ बिहार कम्पनी द्वारा इस बाबत लगभग एक करोड़ रुपये प्रोजेक्ट को भुगतान किया गया. आईपीडीएस के कार्यपालक अभियंता श्री प्रसाद ने बताया कि सर्वे के आधार पर जितने जगहों पर काम बाकी है. उस जगह पर नए सिरे से काम शुरू किया जायेगा.क्या कहते हैं अधिकारी : नार्थ बिहार पावर कंपनी के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि अगले छह माह मेंं सभी पुराने तारों की जगह पर बंच केबुल लग जायेगा.
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