डोला पर मां भगवती का आगमन, मुर्गा पर करेंगी प्रस्थान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Sep 2017 6:12 AM (IST)
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सूर्योदय से दस बजे दिन तक कलश स्थापन का है शुभ मुहूर्त मधुबनी : इस बार नवरात्र में जगदंबा इस बार डोला बैठकर आएंगी और मुर्गा पर बैठकर प्रस्थान करेंगी. शास्त्रों व विद्वानों के अनुसार मां के आने और जाने का यह संयोग विश्व के लिये कष्टकारी हो सकता है. अमादा गांव निवासी पंडित रविंद्र […]
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सूर्योदय से दस बजे दिन तक कलश स्थापन का
है शुभ मुहूर्त
मधुबनी : इस बार नवरात्र में जगदंबा इस बार डोला बैठकर आएंगी और मुर्गा पर बैठकर प्रस्थान करेंगी. शास्त्रों व विद्वानों के अनुसार मां के आने और जाने का यह संयोग विश्व के लिये कष्टकारी हो सकता है.
अमादा गांव निवासी पंडित रविंद्र झा बताते हैं कि डोला पर आगमन से हैजा, डायरिया व महामारी की संभावना होने की बातें शास्त्र के अनुसार माना गया है. जबकि मुर्गा पर मां के प्रस्थान होने का फल यह होगा कि लोग दु:ख व संतप्त से घिरे रहेंगे. हालांकि मां की पूजा अर्चना व श्रद्धा भाव से कुमारि भोजन कराने सप्तशती का श्लोक पाठ नियमित करने से लोगों को इससे मुक्ति मिल सकती है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है.
दस बजे दिन तक हो सकेगा कलश स्थापन : पंडित रविंद्र झा बताते हैं कि कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त गुरुवार को सूर्योदय से लेकर दिन के दस बजे तक है. इस अवधि में साधक कलश स्थापना कर सकते हैं. नवरात्रा में 9 दिन समृद्धिदायक होंगे. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 21 सितंबर गुरुवार को शारदीय नवरात्र का आरंभ होगा. इस नवरात्रा में शक्ति मां दुर्गा के 9 रूपों की अराधना का पर्व 29 सितंबर को समाप्त होगा. गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र में घट स्थापना के साथ शक्ति उपासना का पर्व काल शुरू होगा. गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र में यदि देवी अाराधना का पर्व शुरू हो तो यह देवी कृपा व ईष्ट साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
पंडित श्री झा के अनुसार देवी महाविद्या की साधना से सभी प्रकार के रोग नाश दुष्ट आत्मा, दुष्ट ग्रह एवं अकालमृत्यु से बचाता है. देवी तारा के साधक तीव्र बुद्धि दायक होती है. षोडशी त्रिपुर सुंदरी महाविद्या मन बुद्धि और चित्त को नियंत्रित करती है. देवी भुवनेश्वरी दरिद्रता नाश करने वाली और इनकी अाराधना से वाणी में सरस्वती का वास होता है.
देवी छिन्नमस्तिका की साधना से कारोबार में वृद्धि आर्थिक संपन्नता होती है. देवी भैरवी शारीरिक दुर्बलता नाशक है. इनके अराधना से कायाकल्प
हो जाता है. देवी धुमावती हर प्रकार की दरिद्रता के नाशक है. देवी बंगलामुखी की अाराधना सभी दुखों से मारा
व्यक्ति इनके अराधना से बच सकता है. देवी मातंगी की अराधना से
आनंद, योग, विलास, सुयोग्य पति पत्नि प्राप्ति के लिए उपयुक्त माना गया है. देवी कमला हर प्रकार की साधना में रिद्धि सिद्धि दिलाने वाली, अखंड धनधान्य दिलाने वाली है. नवरात्रा में दस महाविद्या की उपासना शीघ्र फलदायी है.
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