भगवान भरोसे है झंझारपुर का फाइलेरिया विभाग

Published at :16 Sep 2017 5:30 AM (IST)
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भगवान भरोसे है झंझारपुर का फाइलेरिया विभाग

झंझारपुर : अनुमंडल अस्पताल परिसर में फाइलेरिया विभाग अपना स्थापना कार्यालय खोल रखा है़ पर कार्यालय अधिकारियों की मनमर्जी से संचालित हो रहा है. कभी समान की उपलब्धता नहीं होने का रोना रोया जाता है तो कभी दवा की कमी के कारण विभाग के कर्मी को दूसरे विभाग में काम करने के लिए भेज दिया […]

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झंझारपुर : अनुमंडल अस्पताल परिसर में फाइलेरिया विभाग अपना स्थापना कार्यालय खोल रखा है़ पर कार्यालय अधिकारियों की मनमर्जी से संचालित हो रहा है. कभी समान की उपलब्धता नहीं होने का रोना रोया जाता है तो कभी दवा की कमी के कारण विभाग के कर्मी को दूसरे विभाग में काम करने के लिए भेज दिया जाता है़ जबकि फाइलेरिया विभाग की स्थापना शहरी क्षेत्र को स्वच्छ करने के लिए किया गया था़ पर झंझारपुर नगर पंचायत के दर्जनों नालों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है़

बता दें कि मधुबनी के बाद झंझारपुर में फाइलेरिया विभाग की स्थापना की गई है़ जिसमें शहरी क्षेत्र में जाम पड़े नाले को साफ करने व उसमें दवा का छिड़काव के लिए मजदूर, पर्यवेक्षक एवं इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारियों का पद सृजित किया गया है़ जिसमें इंस्पेक्टर, पर्यवेक्षक एवं मजदूर यहां पर कार्य भी कर रहे हैं. पर दवा व अन्य उपकरण के अभाव में सभी मजदूर अनुमंडल अस्पताल में ड्यूटी निभाते हैं. फाइलेरिया मरीजों को चिन्हित करने के लिए समय-समय पर कैंप भी लगाया जाना है़
इसके लिए अलग से क्लीनिक की भी व्यवस्था विभाग ने की है़ क्लीनिक इंस्पेक्टर, आइसी, हेल्फर क्लर्क एवं नाइट गार्ड की व्यवस्था की गयी है़ पर कार्यालय में किसी भी तरह की कथित कागजात भी नहीं रहता है़ नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मी ने बताया कि क्लर्क मधुबनी में ही रहते हैं वहीं से झंझारपुर कार्यालय को चलाया जाता है़
नहीं है उपकरण व डाक्टर . झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में पूरब साइड से एक पुराने भवन में फाइलेरिया विभाग का कार्यालय चल रहा है़ कार्यालय में फिल्ड स्टाफ के रहने की व्यवस्था अलावे क्लीनिक भी चलाया जाता है़ लेकिन न तो यहां माइक्राेस्कोप ही है और ना ही स्लाइड लेने के लिए किसी तरह का उपकरण ही है़ इसके अलावे नाला साफ करने के लिए ना ही कुदाल ही है और ना ही झरनी एवं अन्य उपकरण ही उपलब्ध है़ साथ ही क्लीनिक चलाने के लिए डाक्टर भी उपलब्ध नहीं हैं.
नहीं बैठते हैं प्रभारी. विभाग ने मलेरिया विभाग के पदाधिकारी सीके सिंह को फाइलेरिया विभाग की जिम्मेवारी दी हुई है़ पर एक भी दिन प्रभारी झंझारपुर कार्यालय नहीं पहुंचते हैं श्री सिंह से मोबाइल पर बार-बार संपर्क किया गया़ पर उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया़
बतादें कि सृजित पद के अलोक में अधिकतर कर्मी मौजूद हैं. हलांकि कुछ लोग अवकासप्राप्त हो चुके हैं .
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