प्रद्दुम्न की मौत पर आंखों में आंसू, मन में आक्रोश

Published at :11 Sep 2017 12:07 PM (IST)
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प्रद्दुम्न की मौत पर आंखों में आंसू, मन में आक्रोश

मधुबनी : मासूम प्रद्दुम्न की मौत के गम से जहां पूरा जिला शोकाकुल है वहीं अब लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. हर तरफ से इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच किये जाने की मांग उठने लगी है. प्रद्दुम्न के पैतृक गांव से लेकर शहर मुख्यालय तक में लोग कैंडल मार्च जला कर […]

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मधुबनी : मासूम प्रद्दुम्न की मौत के गम से जहां पूरा जिला शोकाकुल है वहीं अब लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. हर तरफ से इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच किये जाने की मांग उठने लगी है. प्रद्दुम्न के पैतृक गांव से लेकर शहर मुख्यालय तक में लोग कैंडल मार्च जला कर मासूम के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं तो दूसरी ओर अपना आक्रोश भी व्यक्त कर रहे हैं. प्रद्दुम्न के गांव में हर औरत की ममता आज रो रही है.
हर वो आंखें गमगीन हैं जिन्होंने मासूम को दुलार किया था उसे अपनी गोद में लिया था. महिलाएं दो दिनों से न तो खाना पका रही है और ना ही घर में कोइ खाना खा रहा है. इस जघन्य हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराये जाने की बातें अब जोर शोर से उठने लगी है
मुख्यालय में भी कैंडल जला दी श्रद्धांजलि . शहर मुख्यालय में भी सात साल के मासूम प्रद्दुम्न की हत्या को जघन्य बताते हुए लोगो ने कैंडल जला कर श्रद्धांजलि अर्पित किया. आर के कॉलेज रोड स्थित भगवती स्थान में भारी संख्या मे स्कूल के छोटे छोटे बच्चे हाथ में कैंडल लिये श्रद्धा सुमन अर्पित किया तो दूसरी ओर इस कांड की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग भी की.
समाजसेवी राजा ठाकुर ने कहा कि मासूम ने आखिर किसी का क्या बिगाडा था. उसे तो दिन दुनिया के छल कपट,दुश्मनी, वैमनश्यता का पता तक नहीं था. फिर जिस तरह उस मासूम की हत्या की गयी है वह तो दरिंदगी की हद है. इसमे हत्यारे को फांसी की सजा से कम तो सजा पर सोचना भी नहीं चाहिये.
लोग नहीं कर पा रहे विश्वास कि प्रद्युम्न को अब नहीं देख पायेंगे
कृष्णचंद्र के दो पुत्र दिल्ली में काम करते हैं. बड़ा लड़का वरुण व छोटा लड़का तरुण. पूरा परिवार इस मासूम के किलकारी व बोली से खुश रहा करता था. अब कहां से इस परिवार में खुशी लौटेगी. हत्यारे ने ऐसा दर्द दिया है कि जिंदगी भर इसकी टीस कलेजे मे चुभती रहेगी. बाड़ागांव में लोगों ने कहा िक इस घटना पर सहज ही विश्वास नहीं हो रहा है़ गांव में लोगों के आने का सिलसिला जारी है़. लोग सांत्वना देने के लिये आते हैं तो खुद अपने आंसुओं को नहीं रोक पाते. आखिर इस गांव के हर किसी ने तो उस मासूम को देखा था. क्यों उसकी हत्या कर दिया.
सकरी/पंडौल : प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर बड़ागांव सहित पूरे दहिवत माधोपुर पूर्वी पंचायत के लोगों ने आक्रोश मार्च निकाला़ दोपहर में दहिवत माधोपुर के मुखिया अरविन्द कुमार सिंह मुन्ना व प्रमुख पति हीरा लाल दास की अगुवाई में निकला यह आक्रोश मार्च बड़ागांव उतरवारि टोला से चलकर डीह व समस्त गांव का भ्रमण करते हुए पंडौल स्टेशन पहंचा़ इस दौरान सभी लोग अपने हाथों में स्लोगन लिखी हुई बोर्ड पट्टिका थामे थे़ सभी पट्टीकाओं पर प्रद्युम्न हम शर्मिन्दा हैं, तुम्हारे कातिल जिंन्दा हैं, हत्या की सीबीआई जांच हो, प्रद्युम्न को न्याय दो, रेयान विद्यालय प्रबंधन हाय हाय जैसे वाक्य लिखा हुआ था़ इस सभी पट्टिकाओं पर दहिवत माधोपुर पूर्वी पंचायत व समस्त बड़ागांव ग्रामवासी लिखा हुआ था़
लोग लिखे हुए सभी स्लोगन को पढ़ कर जोर जोर से नारे लगा कर प्रद्युम्न को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे़ इस जुलूस में क्या बच्चे क्या बूढ़े सभी एक सुर में उस मासूम के हत्या की सीबीआई से जांच करा हत्यारों को फांसी दिलाने की मांग कर रहे थे़
इस दौरान पंचायत के मुखिया ने बताया कि जब तक प्रद्युम्न को न्याय नहीं मिल जाता इस तरह के शांतिपूर्ण प्रदर्शन व कार्यक्रमों के माध्यम से बहरी सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने का सिलसिला बंद नहीं होगा़ उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम पूरे पंडौल बाजार में सैकड़ों लोगों के द्वारा कैंडल मार्च निकाला जायेगा़
वहीं मंगलवार को मधुबनी समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जायेगा़ आक्रोश मार्च में शामिल बड़ागांव व दहिवत माधोपुर पूर्वी पंचायत के लोगों में जहां एक ओर सरकार के प्रति आक्रोश दिखा. वहीं दूसरी ओर सभी गमगीन भी दिखे़ हो भी क्यों ना, आखिरकार एक मासूम बच्चे को बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया गया. वो भी उसी के स्कूल में. शिक्षा के मंदिर में हुए इस हृदय विदारक घटना से लोग इस हद तक सदमे में हैं कि उन्हें अब अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में भी डर सा लगा रहता है.
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