सुरक्षित नहीं अनुमंडल की सड़कें, हादसे में उजड़ रहे परिवार

सुरक्षित नहीं अनुमंडल की सड़कें, हादसे में उजड़ रहे परिवार
कई परिवारों के बुझ गये चिराग
उदाकिशुनगंज अनुमंडल में सड़क दुर्घटना के कारण कई लोग असमय रहते काल के गाल में समा चुके हैं. फिर भी सड़क दुर्घटना रूकने का नाम नहीं ले रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण सड़क सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करना बताया जाता है. कई सड़क दुर्घटनाओं में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट ट्रिपल लोडिंग आदि की वजह से दुर्घटना घटी है, तो कहीं चालकों की लापरवाही के कारण भी दुर्घटना के शिकार हुए हैं, जिससे कइयों की मौत हो चुकी. वर्ष 2024- 25 तक की बात करें, तो अनुमंडल में सौ से अधिक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हुई है.
वही अनुमंडल मुख्यालय से मधेपुरा एनएच 106 बन रही सड़कें व वाहन चालकों की लापरवाही भी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. इतना ही नहीं समय-समय पर पुलिस द्वारा लगातार यातायात सुधारने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन उसका असर लोगों को नहीं हो रहा है. लोग घर से बाहर निकलते ही यातायात नियम का कही भी फॉलो करते नहीं दिखते हैं. इसी कारण ही यमदूज बनकर वाहन सड़क में दौड़ रहे हैं, जो पैदल चल रहे या बाइक, ऑटो सवारों को अपनी चपेट में ले रहे है. इसके अलावा चकाचक सड़क में ज्यादा स्पीड भी मौत का कारण बन रहा है. सोमवार की देर संध्या को उदाकिशुनगंज में दो लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गयी. इसी तरह हर रोज अनुमंडल के अलग-अलग जगहों में एक्सीडेंट हो रही है. इसमें वाहन चालकों की लापरवाही होती है. वही एक कारण और है कि अधिकांश लोग मोटर साइकिल चलाते समय हेलमेट नहीं लगा रहे है. इससे भी ज्यादा संख्या में लोगों की मौत हो रही है. हेलमेट लगाने से हद तक दुर्घटना में कमी आयेगी.भारी वाहनों की नहीं हो रही स्पीड जांच
उदाकिशुनगंज अनुमंडल में लगातार हो रहे सड़क दुर्घटना का एक कारण यह भी है कि वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण नहीं है. वाहनों की स्पीड को देखकर ज्यादा स्पीड वालों वाहनों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को लाखोंं रुपये का स्पीड रडार गन मशीन की जरूरत है, लेकिन अनुमंडल पुलिस को उपलब्ध नहीं होने के कारण लगातार जांच कर ज्यादा स्पीड वाले वाहनों पर कार्रवाई होती, तो सड़क हादसों में कमी आती. कार्रवाई के अभाव में सड़क में बाइक, ऑटो, कार व भारी वाहनों ओवर स्पीड में वाहन चला रहे है. इससे सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है.कहते हैं एसडीओ
इधर, एसडीएम एसजेड हसन ने कहा कि सड़क हादसों के कारण कितनी ही जिंदगियां समय से पहले खत्म हो जाती हैं. उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. इन हादसों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रही है. ओवर स्पीड पर लगाम लगाना, जिन जगहों पर सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं वहां के कारणों का पता लगा कर उन्हें ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिन्हित किया जायेगा. साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए इन प्रमुख बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है, जिसमें वाहन की ओवर स्पीड, एंट्रेंड चालक को लेकर जिम्मेदार लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. वहीं जरूरत के मुताबिक डिवाइडर के कट, ब्रेकर और दूसरे इंतजाम किये जाने सहित रोड एक्सीडेंट की रोकथाम के लिए ओवर लोडेड वाहनों का एमवी एक्ट में चालान किया जाना शामिल है. इसके अलावा पैसेंजर्स को यात्री वाहनों में ही सफर करना चाहिए. कहते हैं डीएसपीडीएसपी अविनाश कुमार ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा. इसके अलावा लोगों से समझाकर ओवर स्पीड में वाहन न चलाने की हिदायत दी जायेगी. वहीं सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़े करने वालों पर यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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