मधेपुरा के उदाकिशुनगंज को जिला बनाने की मांग फिर हुई तेज
Published by : Shruti Kumari Updated At : 30 May 2026 1:45 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर
Madhepura news: मांगकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से यह मांग उठती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. उनका मानना है कि उदाकिशुनगंज को जिला का दर्जा मिलने से प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी सुविधाएं आम लोगों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी.
मुख्यमंत्री और गृह विभाग को भेजा गया मांग पत्र, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा- जिला बनने से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) से कौनैन बशीर की रिपोर्ट:
Madhepura news: उदाकिशुनगंज अनुमंडल को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री एवं गृह विभाग को मांग पत्र भेजकर उदाकिशुनगंज को जिला का दर्जा देने की मांग की है.
मांगकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से यह मांग उठती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. उनका मानना है कि उदाकिशुनगंज को जिला का दर्जा मिलने से प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी सुविधाएं आम लोगों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी.
सामाजिक कार्यकर्ता गौरव कबीर, बसंत कुमार झा, दीनबंधु कुमार, रवि रॉय सहित कई लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि जिला बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि इस लंबे समय से लंबित मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है.
गौरव कबीर ने बताया कि उदाकिशुनगंज को जिला बनाने के समर्थन में आने वाले दिनों में पैदल मार्च और जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को इस मांग के लिए एकजुट किया जा रहा है.
41 वर्ष पूर्व बना था अनुमंडल
उदाकिशुनगंज अनुमंडल की स्थापना 21 मई 1983 को हुई थी. मधेपुरा जिले के अंतर्गत आने वाला यह अनुमंडल भागलपुर, पूर्णिया और खगड़िया जिलों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है. वर्तमान में इसके अंतर्गत छह प्रखंड और 77 पंचायत आते हैं. अनुमंडल की आबादी करीब आठ लाख से अधिक बताई जाती है. क्षेत्र में आलमनगर और बिहारीगंज विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.
आधारभूत सुविधाओं का हुआ है विस्तार
उदाकिशुनगंज में अनुमंडल न्यायालय, अनुमंडल उपकारा, अनुमंडल अस्पताल, अनुमंडल कार्यालय भवन, आईटीआई कॉलेज कलासन और एएनएम प्रशिक्षण संस्थान जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं. इसके अलावा एनएच-106 और उदाकिशुनगंज-भटगामा राज्य मार्ग के निर्माण से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था मजबूत हुई है.
आर्थिक विकास की भी संभावनाएं
मांगकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं. कोसी प्रमंडल सहित आसपास के जिलों में सीएनजी और पीएनजी आपूर्ति के लिए स्थापित सिटी गेट स्टेशन भी इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है.
छोटे जिले से प्रशासनिक कार्यों में आती है तेजी
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि छोटे जिलों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आती है और लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिलता है. जिला मुख्यालय की दूरी कम होने से जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है. साथ ही कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संग्रहण में भी सुधार होता है.
मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर गौरव कबीर, दीनबंधु कुमार, रवि रॉय सहित सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर हैं. सभी ने राज्य सरकार से उदाकिशुनगंज को शीघ्र जिला घोषित करने की मांग की है.
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