अपने से कमजोर पर रहम करो, यही इस्लाम की तालीम है- मौलाना शमशीर

Updated at : 15 Sep 2024 9:23 PM (IST)
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अपने से कमजोर पर रहम करो, यही इस्लाम की तालीम है- मौलाना शमशीर

अपने से कमजोर पर रहम करो

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फुलौत प्रखंड क्षेत्र के चंदा खान टोला में शुक्रवार की रात्रि में एक दिवसीय जलसा व मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता तीर तरीका बाबू अली कोनैन खां बिहपुर शरीफ ने किया. जिसमें भागलपुर के हजरत मौलाना शमशीर आलम ईरफानी साहब ने जलसे को संबोधित करते कहा कि पैदाइश से मोहम्मदी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दुनिया की सबसे बड़ी नियामत है. इसी नेमत के तुफैल ही हमें ये जिंदगी मिली है. अगर हुजूर पाक अलैहिस्सलाम की आमद दुनिया में नहीं होती तो यह दुनिया भी वजूद में नहीं आती. यह तो अल्लाह का करम है के उसने अपने महबूब को इस दुनिया में सरापा रहमत बनाकर भेजा है. हमारी कामयाबी और कामरानी के लिए रसूले पाक की जिंदगी को नमूना करार दिया है. आपस में मोहब्बत करो अपने बड़ों की इज्जत करो, मां बाप की खिदमत करो. अपने से कमजोर पर रहम करो, यही इस्लाम की तालीम है. जलसा को मौलाना बदरू जमा फैजी, मौलाना अब्बास आलम, मौलाना मंसूर आदि हाफिज तनजीर ने संबोधित किया. मंच संचालन हाफिज अब्दुल रहमान ने की. मौके पर सद्दाम, गुलफान, अब्दुल कुदूस, सलाउद्दीन, जुबैर आदि मौजूद थे.

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