एनसीसी व एनएसएस के छात्र भी जिला प्रशासन के साथ लोगों को पहुंचा सकते हैं सहायता

Updated at : 10 Apr 2020 1:15 AM (IST)
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एनसीसी व एनएसएस के छात्र भी जिला प्रशासन के साथ लोगों को पहुंचा सकते हैं सहायता

मधेपुरा : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के कारण शैक्षणिक संस्थानों में पठन-पाठन पर काफी असर पड़ा है. सभी शैक्षणिक संस्थानों में 14 अप्रैल तक के लिए पढ़ाई स्थगित कर दी गई है. राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया है. […]

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मधेपुरा : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के कारण शैक्षणिक संस्थानों में पठन-पाठन पर काफी असर पड़ा है. सभी शैक्षणिक संस्थानों में 14 अप्रैल तक के लिए पढ़ाई स्थगित कर दी गई है. राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया है. राजभवन के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने पत्र लिखकर कहा है कि लॉक डाउन के दौरान सभी विश्वविद्यालय में छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा को पूरा करना चाहिए, ताकि छात्रों का बहुमूल्य समय नष्ट न हो. छात्र ईमेल या अन्य ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों से संपर्क कर पढ़ाई जारी रख सकते हैं. उन्होने कहा है कि एनसीसी एवं एनएसएस के छात्र भी लॉक डाउन के दौरान स्थानीय जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों को सहायता पहुंचा सकते हैं.

साथ देश के कई विश्वविद्यालयों में आवश्यक उपकरणों जैसे हैंड सेनिटाइजर एवं मास्क का निर्माण किया जा रहा है. बिहार के विश्वविद्यालय भी इस तरह के प्रयास कर लोगों की मदद कर सकते हैं. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना आवश्यक है. राजभवन से मिले पत्र के आलोक में प्रति कुलपति प्रो डा फारुक अली ने सभी पीजी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, एनसीसी कोर्डिनेटर, एनएसएस कोर्डिनेटर आदि को संबंधित पत्र का हवाला देते हुए काम करने का निर्देश दिया है.

छात्र ईमेल या अन्य ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों से संपर्क कर पढ़ाई जारी रख सकते हैं. उन्होने कहा है कि एनसीसी एवं एनएसएस के छात्र भी लॉक डाउन के दौरान स्थानीय जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों को सहायता पहुंचा सकते हैं. साथ देश के कई विश्वविद्यालयों में आवश्यक उपकरणों जैसे हैंड सेनिटाइजर एवं मास्क का निर्माण किया जा रहा है. बिहार के विश्वविद्यालय भी इस तरह के प्रयास कर लोगों की मदद कर सकते हैं. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना आवश्यक है. राजभवन से मिले पत्र के आलोक में प्रति कुलपति प्रो डा फारुक अली ने सभी पीजी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, एनसीसी कोर्डिनेटर, एनएसएस कोर्डिनेटर आदि को संबंधित पत्र का हवाला देते हुए काम करने का निर्देश दिया है.

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