आरक्षण, सामाजिक न्याय व आर्थिक न्याय विरोधी है भाजपा : जिलाध्यक्ष

Updated at : 21 Jun 2024 7:31 PM (IST)
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आरक्षण, सामाजिक न्याय व आर्थिक न्याय विरोधी है भाजपा : जिलाध्यक्ष

65 प्रतिशत आरक्षण रद्द करने वाली फैसले की प्रतियां जलाई गयी

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मधेपुरा. युवा राष्ट्रीय जनता दल के बैनर तले जिलाध्यक्ष अनिता कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कला भवन परिसर से समाहरणालय होते हुए बीपी मंडल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया तथा 65 प्रतिशत आरक्षण रद्द करने वाली फैसले की प्रतियां जलाई गयी . युवा राजद की जिलाध्यक्ष अनिता कुमारी ने कहा कि भाजपा के लोग घोर आरक्षण विरोधी हैं. लालू यादव व तेजस्वी यादव लगातार कह रहे थे कि इस बार भाजपा जीतेगी तो आरक्षण खत्म कर देगी, वहीं हुआ. यह साफ दिख रहा है कि मोदी के रहते संविधान भी अब सुरक्षित नहीं रहने वाली है. – युवा राजद संघर्ष कर वापस लेगी बिहार का हक – युवा राजद की जिलाध्यक्ष अनिता कुमारी ने कहा कि तेजस्वी यादव मात्र 17 माह के अल्प अवधि में सरकार में रहकर जातिगत सर्वे कराकर दलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों एवं आदिवासियों के आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया. जिसका लाभ अब उपेक्षित एवं उत्पीड़ित लोगों को मिलता, लेकिन सामंतवादी भाजपा वाले षड्यंत्र करके इसे रद्द कराकर 90 प्रतिशत बहुजनों लरकारा है. युवा राष्ट्रीय जनता दल पुरी मजबूती से तमिलनाडु के तर्ज पर संघर्ष कर बिहार का हक वापस लेकर रहेगी. – हमारा भारत पुनः कैसे प्राप्त करेगा विश्वगुरू का तमगा – कार्यक्रम के संचालनकर्त्ता युवा राजद के जिला प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता संजीव कुमार ने बाबू जगदेव प्रसाद के नारा को याद कर कहा कि 100 में 90 शोषित है, 90 भाग हमारा है. 10 का शासन 90 पर नहीं चलेगा. बाबू जगदेव, डा लोहिया, कर्पूरी ठाकुर एवं महात्मा गांधी के सामाजिक न्याय का सपना इस देश के सामंती व्यवस्था को स्वीकार क्यों नहीं है, ऐसे में हमारा भारत पुनः विश्वगुरू का तमगा कैसे प्राप्त करेगा. उन्होंने कहा कि याचिका कर्त्ता की पृष्ठभूमि देखिए, पर्दे के पीछे ये कौन लोग हैं, जो देश की उन्नति के दुश्मन बने हुये हैं. – जातिगत सर्वे कराकर आरक्षण को किया गया था 65 प्रतिशत – संजीव कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव के अथक प्रयास के बाद तत्कालीन महागठबंधन सरकार ने जातिगत सर्वे कराकर सामाजिक न्याय एवं आर्थिक न्याय के दृष्टिकोण से ओबीसी, ईबीसी, एससी-एसटी के आरक्षण को 65 प्रतिशत किया था. तेजस्वी यादव लगातार मोदी सरकार से आग्रह करते रहे कि इसे नौवीं सूचि में डाल दिया जाय, लेकिन नहीं डाला, जिसका परिणाम सामने है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए सरकार की धूरी बने हुये हैं. एक बड़ी आबादी को संरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उच्चतम न्यायालय में मजबूती से ओबीसी, ईबीसी, एससी-एसटी का पक्ष रखना चाहिये. मौके पर मंजेश यादव, विकास कुमार, गजेंद्र कुमार, रविशंकर कुमार, गजेंद्र राम, रामजी यादव, जयनंदन यादव, विकास विवेक, चंदन कुमार, सिंटू कुमार, संतोष कुमार, विजय सादा, आजाद कुमार, प्रभास कुमार, नितेश कुमार, कृष्ण कुमार, संतोष कुमार, विक्रम कुमार, आशीष कुमार, अनिल कुमार, विजय कुमार, सुबोध कुमार, लव कुमार, रोनित कुमार, सूरज कुमार, राजा कुमार, सौरभ कुमार, सज्जाद, मो जुबेर, मो नईम, बीजल यादव, प्रदीप यादव, अंकित यादव, जयप्रकाश यादव समेत अन्य उपस्थित थे.

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