शौचालय नहीं होने से स्थानीय लोग दुर्गंध व बीमारियों के खतरे के साये में जीने को विवश
निर्मली : स्वच्छ भारत बनाने को लेकर सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद नगर पंचायत क्षेत्र में शौचालय निर्माण नहीं होने की वजह से स्थानीय लोग दुर्गंध व बीमारियों के खतरे के साये में जीने को विवश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्मली रिंग बांध के चारों तरफ लोग खुले में शौच करते हैं. जिस वजह से आवागमन में तो कठिनाइयों का सामना करना ही पड़ता है. लोगों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार स्वच्छ भारत बनाने के लिए हर घर शौचालय उपलब्ध कराने के लिए ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन निर्मली शहर को देख कर लगता है कि यह शहर स्वच्छ भारत योजना से अछूता है.
प्रखंड कार्यालय से अनुमंडल कार्यालय जाने वाली मुख्य सड़क हो या कोसी कालोनी होकर जाने वाले सड़क हो, शहर के इन प्रमुख मार्गों पर लोगों के सड़क पर शौच करने से न सिर्फ आवागमन में कठिनाई होती है, बल्कि इस मार्ग पर आवागमन करने वाले बाहरी व्यक्तियों के बीच शहर की छवि भी खराब होती है. स्थानीय लोगों की मानें तो नगर प्रशासन की उदासीनता की वजह से हर घर में शौचालय निर्माण नहीं हो सका है, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों सहित राहगीरों को उठाना पड़ता है. खुले में शौच करने की वजह से एक तो दुर्गंध का सामना करना ही पड़ता है. साथ ही कई प्रकार की गंभीर बीमारियां होने का खतरा भी सदैव बना रहता है. नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में अब तक उदासीन बनी हुई है.
