कुहासे ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता

Published at :12 Dec 2015 7:09 PM (IST)
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कुहासे ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता

कुहासे ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता फोटो- मधेपुरा 22कैप्शन- कुहासे के कारण दिन में भी लाइट जला कर गुजरते वाहन – शाम ढ़लते ही शहर की सड़कों पर छा जाता है घना कुहासा- कार्यालय में कार्यरत बच्चों की चिंता प्रतिनिधि. मधेपुराट्रिंग ट्रिंग…….. बैंक कर्मी दिलखुश कुमार की फोन की घंटी बजती है. दिलखुश के पापा […]

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कुहासे ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता फोटो- मधेपुरा 22कैप्शन- कुहासे के कारण दिन में भी लाइट जला कर गुजरते वाहन – शाम ढ़लते ही शहर की सड़कों पर छा जाता है घना कुहासा- कार्यालय में कार्यरत बच्चों की चिंता प्रतिनिधि. मधेपुराट्रिंग ट्रिंग…….. बैंक कर्मी दिलखुश कुमार की फोन की घंटी बजती है. दिलखुश के पापा फोन पर कहते हैं बेटा जल्दी घर आ जाना सड़क पर घना कुहासा है. दिलखुश ब्रांच हेड से कह कर घर की ओर निकल जाते हैं. यह केवल एक पिता की चिंता नहीं है. शाम होते ही हर बेटे व बेटियों के फोन की घंटी इसी तरह बजने लगती है. चिंता है कि संतान कुहासे के कारण सड़क हादसे का शिकार न हो जाये. चिंता यह भी है कि बढ़ते कुहासे में बच्चे अपराध व अपराधियों के शिकार ने हो जाये. चिंता यह भी कि गहराती शाम के साथ बढ़ती सर्दी में बीमार न पड़ जाये. कुहासा है कि रोज घना होता जा रहा है. विगत चार दिनों से मधेपुरा शीतलहर की चपेट में है. वहीं चौथे दिन भी धूप नहीं खिला. हालांकि, बादल में छिपे सूरज की किरणें कभी कभी दिखायी दे रही थी. इस दौरान कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा.रोड रिफलेक्टर के भरोसे सड़क पर दौड़ रही है जिंदगी मध्यम व गरीब तबके के लोगों के जीवन में भाग दौड़ लगी रहती है. पापी पेट के लिए कड़ाके की ठंड में भी भाग दौड़ करना मजबूरी हैं. ऐसे लोगों के लिए कुहासे से लिपटी यह ठंड किसी काल से कम नहीं है. ठंड के समय में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं कोहरे के कारण ही होती है. शाम ढलते ही जब सड़कों पर घना कुहासा छा जाता है तो वाहन सवार सैकड़ों जिंदगी रोड रिफलेक्टर के भरोसे दौड़ती है. वाहन सवार एक दूसरे को सड़क के दोनों तरफ देखने की नसीहत देते रहते हैं, कि कहीं वाहन सड़क छोड़ गड्ढ़े में न उतर जाये. हालांकि, जिले की कई सड़कों पर रोड रिफलेक्टर नहीं रहने के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कुहासे में अपराधियों के बढ़े हौसले गुरुवार की रात एक यूपी नंबर लिखा 18 चक्के का ट्रक मधेपुरा से एनएच 57 के लिए गुजर रहा होता है. मधेपुरा कॉलेज चौक के बाद पांच बाइक पर सवार करीब दस अपराधी उसके पीछे लग जाते है. ट्रक चालक ट्रक की रफतार काफी तेज कर देता है. लेकिन कुहासे की वजह से बाइक सवार उसे बार बार रोकने में सफल हो जाते है. ट्रक चालक किसी तरह ट्रक को लेकर सिंहेश्वर तक पहुंचता है. यहां घनी आबादी देख वह ट्रक रोक कर शोर मचाने लगता है. लोगों को जुटता देख अपराधी भाग खड़े होते है. ऐसे वाकये जिले में इन दिनों रोज अंजाम दिये जा रहे है. धीरे धीरे जिले से हो कर गुजरने वाले ट्रकों की संख्या में कमी होती जा रही है. शाम होते ही घना कुहासा छाने लगता है, तब पुलिस की गश्ती गाड़ी भी कहीं नजर नहीं आती है. ऐसे में अपराधी बैखौफ हो कर अपराध को अंजाम देते हैं. नहीं हो रहे सूर्यदेव के दर्शनउदाकिशुनगंज . विगत पांच दिनों से बढ़ रही कड़ाके की ठंड से सरा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. मंगलवार और गुरुवार को तो सूर्य का दर्शन तक लोगों को नहीं हो सका. हालांकि शुक्रवार और शनिवार को एक बजे दिन के बाद सूर्योदय हुआ. फिर भी ठंड में कोई कमी नहीं हो सकी. कुछ छन के लिए राहत जरूर मिली. दिन रात गर्म कपड़ों को शरीर को ढक कर रखना पड़ रहा है. कोहरा छाये रहने से ठंड में वृद्धि आकाश में घना कोहरा छाये रहने व हवा बहने के कारण ठंड काफी बढ़ गयी है. घना कोहरा छाये रहने से वाहनों के परिचालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. जबकि किसानों का खेती भी प्रभावित हुआ है. जबकि अभी रबी मौसम में फसल लगाने की प्रक्रिया चल रही है. अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो मक्का गेहूं व दलहन फसल बौने में विलंब हो जायेगा. दफ्तरों में उपस्थिति रही कम ठंड की वजह से विभिन्न कार्यालयों में लोगों का आवाजाही कम हो गया है. समान्य दिनों की तरह आवश्यक कार्य से आम जनों का मुख्यालय आना कम देखा गया. चूंकि कड़ाके की पड़ रही ठंड से घरों से निकलना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है. आम जन ठंड से बचने के लिए अपने – अपने घरों में दूबके हुए है. गर्म कपड़ों की बढी बिक्री अचानक ढंड बढ़ जाने के कारण गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गयी है. जिससे वस्त्र व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी मुनाफा हो रहा है. लेकिन गरीब व बेसहारा लोगों को काफी परेशानी हो रही है. आर्थिक कमजोरी रहने के कारण ऐसे परिवार गर्म कपड़े नहीं खरीद पा रहा है. दिन रात अलाव के सहारे वक्त गुजारना इनकी मजबूरी बन गयी है.छात्रों की उपस्थिति हुई कम ठंड की वजह से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति कम होती चली जा रही है. बच्चे घर से बाहर निकलना नहीं चाहते है. शिक्षक स्कूल में बैठ कर चंद उपस्थित बच्चे को पढ़ाने में जुटे हैं. अलाव की व्यवस्था नदारदप्रशासन द्वारा चौक चौराहों पर अलाव का व्यवस्था नहीं किये जाने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. खास कर मोटर चालकों व यात्रियों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है. जबकि बीते वर्ष ठंड पड़ने पर प्रशासन द्वारा जगह – जगह अलाव की व्यवस्था की गयी थी. सीओ उत्पल हिमवान ने कहा है कि अभी ठंड का आरंभिक दौर है अगर स्थिति बनी रही तो प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की जायेगी.

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