टूटती जा रही है सड़क, कुछ से तो करें सरकार

Published at :12 Dec 2015 6:38 PM (IST)
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टूटती जा रही है सड़क, कुछ से तो करें सरकार

टूटती जा रही है सड़क, कुछ से तो करें सरकारफोटो – एक से सात तक फोटो – मधेपुरा 08 कैप्शन – जर्जर स्थिति में सिंहेश्वर – सुखासन सड़क – सिंहेश्वर से सुखासन होते हुए घैलाढ़ तक सड़क की स्थिति जर्जर – लोग जनप्रतिनिधि से शिकायत कर थक चुके, लेकिन नहीं होती कार्रवाई प्रतिनिधि, सिंहेश्वर सिंहेश्वर […]

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टूटती जा रही है सड़क, कुछ से तो करें सरकारफोटो – एक से सात तक फोटो – मधेपुरा 08 कैप्शन – जर्जर स्थिति में सिंहेश्वर – सुखासन सड़क – सिंहेश्वर से सुखासन होते हुए घैलाढ़ तक सड़क की स्थिति जर्जर – लोग जनप्रतिनिधि से शिकायत कर थक चुके, लेकिन नहीं होती कार्रवाई प्रतिनिधि, सिंहेश्वर सिंहेश्वर से सुखाासन होते हुए घैलाढ़ जाने वाली सड़क दिनोंदिन जर्जर होती जा रही है. सिंहेश्वर से सुखासन तक वर्षों पहले बनी सड़क की मरम्मत निर्माण के बाद कभी नहीं की गयी. हालत यह है कि इस सड़क पर अक्सर दुर्घटना होती रहती है. उबर खाबड़ रास्ते से होकर गुजरते हुए वाहन चालक परेशान रहते हैं. यह रास्ता सिंहेश्वर को सदर प्रखंड के साहुगढ़, बराही हसनपुर और घैलाढ़ को जोड़ता है. वहीं सुखासन के बाद मनहरा और बराही हसनपुर तक सड़क पर केवल गिट्टी गिरा कर छोड़ दिया गया. बस्ती में कंक्रीट की सड़क बनायी लेकिन इसके बाद घैलाढ़ के इटहरी चौक तक पक्की सड़क की गुणवत्ता एक नजर में सामने आ जाती है. साहुगढ़ हुलास टोला के मुकेश कुमार कहते हैं वह नहर के रास्ते से होकर सुखासन जवाहर नवोदय विद्यालय के पास इस सड़क पर पहुंचते हैं, लेकिन सिंहेश्वर तक पहुंचने के लिए केवल ढाई किलोमीटर की दूरी तय करना पहाड़ लगता है.सुखासन के ही सातवीं के छात्र मक्खन कुमार कहते हैं कि वह ट्यूशन के लिए प्रतिदिन साइकिल से सिंहेश्वर जाते हैं. लेकिन सड़क खराब रहने के कारण उन्हें साइकिल चलाने में काफी परेशान होती है. पंद्रह मिनट का रास्ता तय करने में आधा घंटा से भी अधिक लग जात है. कभी-कभी गिर भी जाते हैं. अगर यह सड़क बन जाती तो उन्हें इस बचे समय का लाभ मिलता. सुखासन के ही किसान विजय मेहता कहते हैं कि वह सब्जी आदि लेकर सिंहेश्वर बाजार जाते हैं. सड़क की स्थिति जर्जर होने के कारण उन्हें बाजार तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है. कई बार सब्जी की बोरियां लुढक जाती हैं. चोटिल होने के कारण सब्जी की कीमत कम मिलती है. किसान जवाहर यादव की भी यही व्यथा है. सदर प्रखंड के मनहरा निवासी ज्ञानी कहते हैं कि सड़क की शिकायत जनप्रतिनिधियों से कई बार की है लेकिन कोई सुनवायी नहीं होती. अब तो कहना भी छोड़ दिया है. सड़क से गुजर रहे साहुगढ़ वार्ड संख्या एक निवासी राम कुमार यादव कहते हैं कि एक साल से इस सड़क की यही दशा है. कोई देखने – सुनने वाला नहीं है. मनहरा सुखासन के विपिन कुमार कहते हैं कि इस सड़क की दुर्दशा की तो बात ही मत कीजिए. जब नयी थी तब लगा कि दिन समय बदल गया लेकिन अब लगता है कि समय बार-बार लौटता है. भीम कुमार रोजाना सिंहेश्वर सब्जी मंडी से अपनी गाड़ी पर सब्जी लाद कर घैलाढ़ पहुंचते हैं. वह कहते हैं कि विगत एक साल से सिंहेश्वर से घैलाढ़ तक बीच में कोई हिस्सा कभी बनता है तो कुछ हिस्सा टूट जाता है. पूरी सड़क एक साथ कब पक्की होगी यह तो भोला बाबा ही जानें. लेकिन उनकी गाड़ी का मेंटेनेंस खर्च काफी बढ़ जाता है.

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