मेला मजिस्ट्रेट की हत्या मामले में चार लोग नामजद, पत्नी ने कहा, जमीन विवाद में हुई हत्या

Published at :24 Feb 2015 11:30 AM (IST)
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मेला मजिस्ट्रेट की हत्या मामले में चार लोग नामजद, पत्नी ने कहा, जमीन विवाद में हुई हत्या

मुरलीगंज (मधेपुरा): जिला कृषि समन्वयक डॉ जय कुमार ज्वाला की हत्या के मामले में मुरलीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. जय कुमार की पत्नी शबनम देवी के फर्द बयान के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. जिला कृषि समन्वयक को सिंहेश्वर मेला में मेला दंडाधिकारी बनाया गया था. […]

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मुरलीगंज (मधेपुरा): जिला कृषि समन्वयक डॉ जय कुमार ज्वाला की हत्या के मामले में मुरलीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. जय कुमार की पत्नी शबनम देवी के फर्द बयान के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. जिला कृषि समन्वयक को सिंहेश्वर मेला में मेला दंडाधिकारी बनाया गया था. यहां से मुरलीगंज स्थित अपने घर लौटते हुए उनकी हत्या कर दी गयी.

दीनापट्टी हॉल्ट के समीप रविवार की अहले सुबह उनका शव मिला था. इसके बाद ग्रामीण सहित कृषि विभाग के कर्मियों ने मुरलीगंज और जिला मुख्यालय में सड़क जाम कर दिया था. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शबनम देवी ने अपने मायके कटहरवा के ही मोहन यादव, चदंन यादव, कुदंन यादव व सुशील यादव को नामजद किया है. पुलिस को दिये गये फर्द बयान में उन्होंने इस हत्या का कारण मायके के 71 डिसमिल जमीन का विवाद बताया. उन्होंने कहा कि उनका मायके मधेपुरा प्रखंड के मुरहो पंचायत स्थित कटहरवा गांव है. शादी के समय पिता अरुण कुमार यादव ने उपहार स्वरूप 71 डिसमिल जमीन दी थी. इस जमीन पर गांव के ही मोहन यादव, सुशील यादव, चंदन यादव और कुंदन यादव का कब्जा है. ये लोग इस जमीन पर घर बना कर कब्जा किये हैं.

वर्ष 2011 में इस कब्जे को लेकर न्यायालय में वाद भी दायर किया गया था. कई बार जय प्रसाद ज्वाला और अवैध कब्जाधारियों के बीच मारपीट की घटना भी हुई थी. इसी जमीन का फैसला आगामी 28 फरवरी को आने वाला है. शबनम देवी ने आरोप लगाया है कि जमीन को लेकर ही आरोपियों ने उनके पति की हत्या कर दी है.

कहते हैं थानाध्यक्ष

थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश ने बताया कि नामजद किये अभियुक्त के गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही है, जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

रात में निकल गये कृषि समन्वयक : मेला में दंडाधिकारी पहुंचने के बाद उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हैं. ड्यूटी खत्म कर लौटते समय भी हस्ताक्षर करना होता है. जय प्रसाद ज्वाला ने इस रजिस्टर पर आने और जाने, दोनों जगह हस्ताक्षर किया था. आम तौर पर वह सुबह तक अपनी ड्यूटी करने के बाद ही वापस जाते थे लेकिन हत्या की रात आखिर क्या हुआ कि वह रात में घर के लिए निकल पड़े.

कॉल डिटेल से खुलेंगे राज

उनके मोबाइल के कॉल की डिटेल निकाली जाये तो इस हत्या पर छाया धुंध कुछ साफ हो सकता है.

क्या किसी ने उन्हें फोन कर कहीं आने कहा और जिसे सुनने के बाद वह मेला से निकल गये.

इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया जा रहा है. पुलिस टीम नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी करेगी. टीम में शामिल अधिकारी मामले से जुड़े हर पहलू की जांच करेंगे. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जायेगा.

आशीष भारती, एसपी, मधेपुरा

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