डॉक्टरों की हड़ताल, लाचार दिखे मरीज, लगाते रहे चक्कर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Jun 2019 7:16 AM

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मधेपुरा : पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद शुरू हुई हड़ताल लगातार जारी है. बंगाल की आंच मधेपुरा तक पहुंच गयी और सभी निजी क्लिनिक और सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रही. हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि हमें सरकार सुरक्षा मुहैया कराये. गौरतलब है कि […]

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मधेपुरा : पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद शुरू हुई हड़ताल लगातार जारी है. बंगाल की आंच मधेपुरा तक पहुंच गयी और सभी निजी क्लिनिक और सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रही. हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि हमें सरकार सुरक्षा मुहैया कराये.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों की हड़ताल का असर पूरे देश में पड़ रहा है. चिकित्सा सेवा प्रभावित हो रही है. केंद्र की एडवाइजरी में कहा गया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आये डॉक्टर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. पश्चिम बंगाल सरकार डॉक्टरों की हड़ताल पर एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द भेजने की मांग की है.
क्या है पूरा मामला : कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भड़के लोगों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की थी. इस घटना में कुछ डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना से आक्रोशित डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे.
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दो पार्टी पर माहौल खराब करने हड़ताल को हवा देने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से काम पर लौटने को कहा था ममता ने हॉस्टल खाली करवाने और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी. इससे डॉक्टरों का आक्रोश और भड़क गया आंदोलन के बीच लगभग 300 डॉक्टरों ने सेवा से इस्तीफा दे दिया है.
कोलकाता के एसएसके अस्पताल के डॉक्टरों का सामूहिक रूप से शामिल है उसके बाद सभी राज्य में राज्य के बाद सभी जिले में हड़ताल होना शुरू हो गया. इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि 17 जून को सामूहिक रूप से पूरे भारत में इस घटना के विरोध में सभी निजी एवं सरकारी अस्पताल पूर्णता बंद रहेंगे और सरकारी अस्पतालों में मात्र इमरजेंसी की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में भी दिखा असर, बेबस और लाचार दिखे मरीज : सोमवार को सदर अस्पताल में सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहे. सिविल सर्जन डाॅ शैलेन्द्र कुमार, डाॅ अरुण मंडल, डाॅ उमाशंकर भगत,डाॅ एस एन यादव, डाॅ यश शर्मा, डाॅ दिलीप सिंह, डाॅ दानिश अख्तर, डाॅ संतोष कुमार, डाॅ संतोष भगत, डाॅ सजंय कुमार, डाॅ कुमार अनुपम, डाॅ बी एन भारती, डाॅ रंजीता रंजन, डाॅ वीरेन्द्र कुमार, डाॅ आर के पप्पू, डाॅ प्रणव प्रकाश, डाॅ प्रणव गुप्ता एवम अन्य चिकत्सक मुख्य रूप से मौजूद थे. ओपीडी बंद हो जाने से मरीज पूरी तरह से असहाय एवं लाचार महसूस कर रहे थे.
सिंहेश्वर प्रखंड से आये नंदन ने बताया कि तीन दिन से सर्दी खांसी से परेशान है. रविवार को ओपीडी बंद रहने के कारण जब सोमवार को इलाज कराने आये मरीज को पता चला कि यहां हड़ताल हुई है. मरीजों ने बताया कि बहार की दवाई लेने के लिए पैसे नहीं है और जब इमरजेंसी में गए तो वहां बैठे डाॅ ने कहा कि यह सिर्फ सिरियस मरीजों की इलाज होगी. वहीं इमरजेंसी में लोगों की पुर्जा कटाने को लेकर भीड़ लगी रही
ग्वालपाड़ा में भी बंद रहे सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल : ग्वालपाड़ा में भी हड़ताल का असर देखने को मिला. डॉक्टरों के हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ी दिखी. सरकारी व प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल से ईलाज के लिए दूरदराज से आये रोगियों को काफी परेशानी हुई. हालांकि यहां भी इमरजेंसी में कुछ डाॅक्टर मौजूद जरूर दिखे. इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर बी के सिंह एवं डॉक्टर अजय कुमार ने बताया की दो तीन मरीजों का ईलाज किया गया.
घैलाढ़ में भी दिखा बंद का असर : पीएचसी घैलाढ़ अस्पताल समेत विभिन्न सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र एवं निजी क्लिनिक में भी ईलाज बंद रहा. इस कारण मरीजों व उनके परिजन को भारी परेशानी हुई. प्रखंड में अस्पताल के ओपीडी सेवा पूर्णतया ठप रही.
हालांकि ओपीडी सेवा के समय मौजूद डाॅ अजहर इकबाल व डाॅ अरूण कुमार महतों ने अस्पताल में आपात कालीन सेवा चालू रखी. जहां मरीज रंजीत तांती श्रीनगर गांव के वार्ड नंबर 11 निवासी के फटे सिर को देख कर डॉक्टर ने मरीज का इलाज किया.
वहीं अन्य मरीजों के लिए अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा बाधित रही. ग्रामीण इलाकों से आ रहे मरीज अस्पताल के ओपीडी में सोमवार को भी अन्य दिनों की भांति ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार के लिए मरीजों का आना जाना जारी रहा. लेकिन ओपीडी बंद रहने के कारण इन मरीजों को बिना उपचार के ही लौटना पड़ा. इस कारण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. अस्पताल में आये सभी मरीजों को बिना उपचार जाना पड़ा.
मुरलीगंज में जारी रही हड़ताल : डॉक्टरों की पिटाई के विरोध मुरलीगंज नगर पंचायत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज के डॉक्टर भी हड़ताल पर थे. डॉक्टर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजेश कुमार आपातकालीन सेवा में बैठे थे. गंभीर मरीजों को अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया.
वही मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज के प्रभारी डाॅ संजीव कुमार, डाॅ राजेश कुमार, डाॅ लाल बहादुर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मो शहाबुद्दीन मौजूद थे. बिहारीगंज प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र में ओपीडी सेवा बंद रहा. सिर्फ इमरजेंसी सेवा चालू रहा. ओपीडी बंद होने उपचार करने आये मरीज को दिक्कत का सामना करना. प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र प्रभारी डाॅ समीर दास ने बाताया इमरजेंसी सेवा चालू है.
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