कहीं छह माह तो कहीं एक-दो साल में ही टूटने लगी सड़कें
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Oct 2024 8:46 PM
सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाने के दावे के नाम पर अभियंता व संवेदकों ने मिलकर खूब वारे-न्यारे किये.
पीरीबाजार. सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाने के दावे के नाम पर अभियंता व संवेदकों ने मिलकर खूब वारे-न्यारे किये. भौगोलिक स्थिति यह है कि कहीं सड़क बनने के छह माह के अंदर तो कहीं एक से दो साल में ही सड़कें टूट गयी या दरारें आ गयी. पीरीबाजार थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित चौरा राजपुर पंचायत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से चौकड़ा-रामपुर मोड़ से लठिया कोड़ासी जानेवाली सड़क तीन साल पहले बनायी गयी. पीसीसी ढलाई सड़क टूटने लगी है. इसके अलावा पिचिंग की गयी सड़क की परत उखड़ने लगी है. पीसीसी ढलाई सड़क के बीच जगह-जगह दरार आ गयी. इसके अलावा पीचिंग सड़क में कालीकरण की गयी, परत उखड़ चुकी है. अभियंता एवं संवेदकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण पीसीसी व पीचिंग सड़क निर्माण कार्य की भूमि हकीकत बयां करने के लिए यह काफी है. सड़क टूटने व दरार आने की सूचना विभाग के अधिकारियों को दी गयी लेकिन मामला से अनजान बने हुए हैं. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क तो भ्रष्टाचार का महज एक बानगी है. पीरीबाजार क्षेत्र में ऐसे कई सड़कें का निर्माण हुआ है, जिसमें गुणवत्ता का खयाल नहीं रखा गया. रामपुर चौकड़ा मोड़ पर एक सूचनापट में योजना से संबंधित बोर्ड लगा हुआ है. बोर्ड पर योजना का नाम भी अंकित है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पीसीसी रोड व नाला निर्माण कार्य, इसकी प्राक्कलित राशि एक करोड़ 41 लाख 38 हजार 390 रुपये अंकित है. अनुरक्षण राशि 14 लाख 7 हजार 840 रुपये अंकित है. कार्य प्रारंभ की तिथि -19/01/2020 तथा कार्य समाप्ति की तिथि -18/01/2021 अंकित है. कार्यकारी एजेंसी-कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय दर्शाया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि योजना स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार काम हुआ ही नहीं. तीन साल पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनायी गयी. ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा के बारे में बताया कि सड़क में जगह-जगह दरार पड़ गयी है. किनारे से ढलाई टूटकर बिखर रही है. ग्रामीणों ने संवेदक एवं अभियंता पर गुणवत्ताहीन सड़क बनाने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने कहा कि पीसीसी ढलाई छह ईंच मोटी बनाने का एस्टीमेट था लेकिन संवेदक व अभियंता लाभ वाले सौदे में 3-4 ईंच मोटी सड़क बना दी. ग्रामीणों ने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उपमुख्यमंत्री एवं सांसद से की है. इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि सहायक अभियंता एवं जेई को भेजकर स्थलीय जांच करायी जायेगी.
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