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शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बेहतर समाज के निर्माण का है आधार :डीडीसी

Updated at : 20 Dec 2025 10:10 PM (IST)
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शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं,  बेहतर समाज के निर्माण का है आधार :डीडीसी

प्रखंड क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापपुर परिसर में शनिवार को एफएलएन किट वितरण सह टीएलएम मेला का आयोजन किया गया

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उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापपुर परिसर में एफएलएन किट वितरण सह टीएलएम मेला का आयोजन

बड़हिया.

प्रखंड क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापपुर परिसर में शनिवार को एफएलएन किट वितरण सह टीएलएम मेला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्वेता कुमारी के नेतृत्व में किया गया, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी शिक्षिका कुमकुम कुमारी ने निभायी. मुख्य अतिथि के रूप में डीडीसी सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम तथा डीआरडीए निदेशक नीरज कुमार उपस्थित रहे. अतिथियों एवं स्कूली छात्राओं द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये एफएलएन किट का वितरण किया गया, जिसमें स्कूल बैग और कॉपियां शामिल थीं. अतिथियों ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचि और मानसिक जिज्ञासाओं को समझा. डीईओ यदुवंश राम ने सरकार की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी देते हुए बच्चों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया. डीडीसी सुमित कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए परीक्षा से जुड़ा तनाव, भय, सामाजिक दबाव, झिझक और लक्ष्य निर्धारण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि बेहतर समाज के निर्माण का आधार है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नियमित आठ घंटे की मेहनत से विद्यालय स्तर, 12 घंटे की मेहनत से जिला स्तर और 18 घंटे की निरंतर साधना से प्रदेश स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि आज किताबों के सामने झुकना ही कल आत्मसम्मान के साथ खड़े होने की ताकत देता है. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग में जलजमाव, संगीत शिक्षक एवं अन्य विषयों के शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं. इस पर पदाधिकारियों ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया.

नौ विद्यालयों ने शिक्षण सामग्री से अपने नवाचारों की प्रस्तुति की

टीएलएम मेला में प्रतापपुर संकुल अंतर्गत सभी नौ विद्यालयों ने शिक्षण-अधिगम सामग्री के माध्यम से अपने नवाचारों की प्रस्तुति की. अधिकारियों ने स्टॉल का निरीक्षण कर शिक्षकों से लर्निंग प्वाइंट्स की जानकारी ली और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास केवल इमारतों और संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और ग्रामीण मूल्यों की रक्षा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है. कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी निभाने तथा दहेज प्रथा के विरोध जैसे विषयों पर पांच सामूहिक संकल्प दिलाये गये. विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को फूलमाला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. वहीं टीएलएम मेला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय प्रधानों को भी सम्मान प्रदान किया गया. इस आयोजन में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों, अभिभावकों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा, समाज और प्रशासन एक मंच पर आते हैं, तो भविष्य की नींव और मजबूत होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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