कैसे दौड़ेगी विकास की योजनाएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Jul 2016 4:49 AM (IST)
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दुखद स्थिति . 80 में से मात्र 12 पंचायतों में हुआ है पंचायत भवन का निर्माण जिले के अिधकांश पंचायतों में अब तक पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो पाया है. इससे विकास की योजनाओं को गति नहीं मिल पा रही है. वित्तीय वर्ष 2012-13 में पंचायत भवन निर्माण की कवायद के बावजूद अबतक 80 […]
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दुखद स्थिति . 80 में से मात्र 12 पंचायतों में हुआ है पंचायत भवन का निर्माण
जिले के अिधकांश पंचायतों में अब तक पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो पाया है. इससे विकास की योजनाओं को गति नहीं मिल पा रही है. वित्तीय वर्ष 2012-13 में पंचायत भवन निर्माण की कवायद के बावजूद अबतक 80 में से मात्र 12 पंचायत में ही पंचायत भवन का निर्माण हो पाया है.
लखीसराय : जिले में नयी पंचायत सरकार का गठन हो चुका है. अब ग्रामसभा के साथ पंचायतों की होनेवाली बैठकों के ले नव निर्वाचित मुखियों व सरपंचों के बीच उहापोह की स्थिति है. जिले में 80 पंचायतों में से अधिकांश के पास अपना भवन नहीं है. राज्य सरकार ने वर्ष 2012-13 में पंचायत सरकार भवन के बनाने की कवायद प्रारंभ तो की लेकिन जिले में अब तक मात्र 12 पंचायत सरकार भवन ही बन सका है.
राज्य सरकार ने एक करोड़ की लागत से पंचायत सरकार भवन भवन के निर्माण की स्वीकृति दी. यह भवन पंचायत स्तर पर सरकार के सभी कार्यक्रमों के योजनाकरण, कार्यान्वयन, अनुश्रवण व मूल्यांकन का केंद्र होना था. इसके माध्यम से नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाना था. एक ही छत के नीचे मुखिया, उप मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायत एकाउंटेंट, राजस्व कर्मचारी, जन सेवक, आशा कार्यकर्ता समेत सभी समकक्ष ग्रामीण स्तर के कर्मियों के अलावे सरपंच, उप सरपंच व ग्राम कचहरी से संबंधित सभी कर्मियों जैसे न्यायमित्र, सचिव आदि का भवन एक ही छत के नीचे होना है.
ग्रामीणों के बैठाने के लिए हॉल, महिलाओं के लिए अलग से हॉल, आम लोगों के लिए स्वागत के लिए स्वागत कक्ष कुछ महत्वपूर्ण लोगों के लिए आवास के साथ शौचालय आदि का निर्माण कराया जाना है. पंचायत अंतर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं की पंजी का संधारण कहां होगा, जाहिर है दस्तावेजों का संधारण, मुखिया जी या फिर पंचायत सचिवों के झोलों में ही होगा.
ऐसे में
दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ व गायब होना आम हो जायेगा. पंचायत में प्राप्त पत्रों की पंजी, निर्गत पत्रों की पंजी, उपस्थिति पंजी, निरीक्षण पंजी, ग्रामसभा की पंजी, जन शिकायत पंजी, सूचना अधिकार पंजी, वाउचर पंजी, मनरेगा पंजी आदि रखना अनिवार्य है. और इतनी पंजियों को एक साथ थैला में लेकर चलना संभव नहीं है. ऐसे में कहां बैठेगी पंचायत और कहां लोग.
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