एक सप्ताह में चालू होगा पोषण पुनर्वास केंद्र

Published at :07 Jun 2016 5:05 AM (IST)
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एक सप्ताह में चालू होगा पोषण पुनर्वास केंद्र

लखीसराय : कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सदर अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गयी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र महीनों से बंद पड़ा है. अब इसके दिन फिरने वाले हैं. जिलाधिकारी सुनील कुमार के निर्देश पर पोषण पुनर्वास केंद्र को जल्द […]

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लखीसराय : कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सदर अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गयी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र महीनों से बंद पड़ा है. अब इसके दिन फिरने वाले हैं. जिलाधिकारी सुनील कुमार के निर्देश पर पोषण पुनर्वास केंद्र को जल्द चालू करने की लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.

बताते चलें कि पोषण पुनर्वास केंद्र में पांच वर्ष से क्रम उम्र के बच्चों का उपचार किया जाता है. कुपोषित बच्चों के कुपोषण दर को 33 प्रतिशत से कम कर चार प्रतिशत तक लाना पोषण पुनर्वास केंद्र का मुख्य उद्देश्य है. गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की मां को भी पोषण पुनर्वास केंद्र में रख कर उन्हें पोषण व स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जाना है.
जब तक कुपोषित बच्चों के वजन में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि नहीं हो जाती है और पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जायें तब तक उसे केंद्र में रखा जायेगा. कुपोषित बच्चों की देखभाल के लिए केंद्र में दो शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक,आठ नर्स स्टाफ, एक फिडिंग डिमोंसेट्रेटर, एक रसोइया, दो केयर टेकर, दो सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे.
पोषण पुनर्वास केंद्र में भरती कुपोषित बच्चों एवं उनके माताओं को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन दिये जायेंगे. इसके लिए अभिभावकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. पोषण पुनर्वास केंद्र में अपने कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए आने वाली माताओं को प्रत्येक दिन के हिसाब से पचास रुपये की दर से क्षति पूर्ति राशि दी जाती है.यह राशि बच्चे के स्वास्थ्य होने के बाद घर लौटने के समय दी जाती हैं.
वहीं कुपोषित बच्चों एवं मां को इलाज के लिये केंद्र तक लाने वाली आशा को भी राशि दिये जाने का प्रावधान है. पोषण पुनर्वास केंद्र में जिले में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सहायिका, आशा को अपने अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भरती कराने की जिम्मेवारी है.
जिला में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना 31 मई 2011 में हुई थी. जबकि इस केंद्र से 22 अक्तूबर 2015 को रामगढ़ चौक प्रखंड क्षेत्र के गरसंडा निवासी मंटू साव की पुत्री कुमारी भारती गायब हो गयी थी. इसके बाद नवंबर 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने संचालक को कार्य मुक्त कर जिला स्वास्थ्य समिति को संचालन का निर्देश दिया था, लेकिन तब से आज तक यह केंद्र बंद पड़ा है.
अधिकारी बोले
पोषण पुनर्वास केंद्र के संचालन को लेकर सिविल सर्जन डाॅ राज किशोर प्रसाद ने बताया कि इसके संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. जल्द ही इसका संचालन जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा पुन: प्रारंभ कर दिया जायेगा. केंद्र संचालन के लिये सभी कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
एक सप्ताह के अंदर प्रारंभ कर दिया जायेगा.वहीं जिला स्वास्थ्य समिति के प्रबंधक मो खालिद हुसैन ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन अब स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में किया जायेगा. इसके लिए चिकित्सकों सहित अन्य पदों के लिए कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. एक सप्ताह के अंदर यह केंद्र पुन: चालू हो लायेगा.
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