विकास के दावे के बीच मुखर होने लगा विरोध का स्वर

Published at :28 Nov 2015 6:35 PM (IST)
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विकास के दावे के बीच मुखर होने लगा विरोध का स्वर

विकास के दावे के बीच मुखर होने लगा विरोध का स्वर पंचायत फैक्टपंचायत का नाम : किरणपुरप्रखंड : सूर्यगढ़ाजनसंख्या : लगभग 10 हजारमतदाता : लगभग सात हजारगांव : पहाड़पुर, ॠषि, किरणपुर, हैवतगंज, नवटोलिया मोहनपुर, किशनपुर À सिंचाई सुविधा के अभाव में दम तोड़ती रही खेतीÀपांच वर्षों में सिंचाई के लिए एक भी कूप की नहीं […]

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विकास के दावे के बीच मुखर होने लगा विरोध का स्वर पंचायत फैक्टपंचायत का नाम : किरणपुरप्रखंड : सूर्यगढ़ाजनसंख्या : लगभग 10 हजारमतदाता : लगभग सात हजारगांव : पहाड़पुर, ॠषि, किरणपुर, हैवतगंज, नवटोलिया मोहनपुर, किशनपुर À सिंचाई सुविधा के अभाव में दम तोड़ती रही खेतीÀपांच वर्षों में सिंचाई के लिए एक भी कूप की नहीं हुई खुदाईÀ वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंत तक पंचायत को खुले में शौच से मुक्त करने की योजनाÀपंचायत का किरणपुर गांव विकास से वंचितÀ पंचायत भवन में नहीं होता पंचायत का काम-काजÀ120 यूनिट पौधारोपण से रोजगार का सृजन फोटो – 01 , मुखिया बिंदु देवीफोटो- 02 , छोटन महतो फोटो – 03, मनोज कुमारफोटो – 04 , सुखदेव महतोफोटो – 05 , रामखेलावन कुमारफोटो – 06 , नवीन कुमार सिंह फोटो – 07 , संजय कुमार डब्लूफोटो – 08 , सुकुमार गुप्ताफोटो – 09 ,गुल्ली मंडलफोटो – 10 , रजनीकांत सिंहफोटो – 11 , रामेश्वर शर्मा फोटो – 12 , एनएच 80 से किरणपुर गांव जाने वाली जर्जर सड़क.फोटो – 13, किरणपुर में समस्या की जानकारी देते लोग.फोटो – 14 , ऋषि गांव में समस्या से अवगत कराते ग्रामीण.प्रतिनिधि, लखीसरायपांच साल गुजरने को है, लेकिन प्रखंड मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर सुर्यगढ़ा-मुंगेर एनएच 80 पर स्थित किरणपुर पंचायत में पंचायती राज में भी समुचित विकास नहीं हुआ. नयी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को नहीं पहुंच पाया. इस पंचायत में लोगों का मुख्य पेशा खेती व मजदूरी है. यहां सिचाई सुविधा का घोर अभाव के बावजूद इन साढ़े चार वर्षों में सिंचाई के लिए एक भी कूप की खुदाई नहीं हुई. पंचायत चुनाव नजदीक आते ही ग्रामीणों की उम्मीद भी टूटने लगी है. हालांकि पंचायत में कई योजना के धरातल पर उतरने से पिछले पांच साल के मुकाबले में कुछ बदलाव तो दिख रहा है, लेकिन पंचायत चुनाव के बाद लोगों ने अपने मन में विकास का जो खाका तैयार किया था. वह पूरा नहीं होने से लोगों में निराशा है. कई गांव के ग्रामीणों को जर्जर सड़क से निजात नहीं मिली. जल निकासी की समस्या के कारण घरों का गंदा पानी सड़क पर ही बहता है. नाला का निर्माण कर जल निकासी का समुचित प्रबंध नहीं हो पाया है. वर्ष 2015-16 के अंत तक पंचायत को खुले में शौच से मुक्त करने की योजना है. लेकिन किरणपुर गांव के लोगों के मुताबिक यहां अब भी कई घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया और न ही विकास का कोई काम हुआ है. गांव के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है. यहां सिंचाई सुविधा के अभाव में खेती दम तोड़ती नजर आती है. हैवतगंज पंप नहर योजना में करोड़ों रुपया खर्च होने के बावजूद किसानों की एक ईंच जमीन की भी सिंचाई नहीं हो पायी. बावजूद इसके पिछले पांच वर्षों में सिंचाई के लिए एक भी कूप की खुदाई नहीं हुई. हालांकि पंचायत की मुखिया विकास होने का दावा करती है. मुखिया के मुताबिक बीते साढ़े चार वर्षों में लगभग तीन सौ लोगों को इंदिरा आवास दिया गया. आठ सौ लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे हैं. इसके अलावे 10 पीसीसी सड़क, 20 ईंट खरंजा करण सड़क, पांच ढक्कन सहित नाला का निर्माण, 250 चापाकल, 120 यूनिट पौधारोपण, छह सौ से अधिक शौचालय का निर्माण किया जा चुका है. 100 बीपीएल परिवारों के लिए मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा है. जिसमें से 55 कार्य पूरा भी हो चुका है.क्या कहते हैं लोगकिरणपुर गांव के छोटन महतो के मुताबिक इस गांव में विकास का कोई कार्य नहीं हुआ. गांव तक आनेवाली मुख्य सड़क विकास की कहानी कह रही है. गांव में जल निकासी की समस्या है. लोगों को राशन-केरोसिन भी नहीं मिल रहा. इसी गांव के मनोज कुमार के मुताबिक गांव में न पेयजल की व्यवस्था हुई, न ही जल निकासी का उचित प्रबंध हो पाया. पुराना नाला कचरे से भरा है. लोगों के घरों का पानी सड़क पर ही जमा होता है. किरणपुर के सुखदेव महतो के मुताबिक सिंचाई सुविधा का घोर अभाव है. हैवतगंज पंप नहर योजना सफेद हाथी साबित हुआ. कृषि प्रधान इस पंचायत में सिंचाई की सुविधा के लिए एक भी कूप की खुदाई नहीं हुई. गांव के रामखेलावन कुमार के मुताबिक मुखिया जी उपलब्ध नहीं रहते. लोगों को शौचालय भी नहीं मिल रहा. जबकि पंचायत को 2015-16 में खुले में शौच से मुक्त बनाने की योजना है. ऋषि गांव के नवीन कुमार सिंह के मुताबिक योजनाओं के क्रियान्वयन से गांव में विकास दिख रहा है. गांव में सड़क का निर्माण हुआ. लोगों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. जरूरत के मुताबिक गांव की गलियों में ईंट खरंजा का भी काम हुआ. संजय कुमार डब्लू के मुताबिक विकास तो हुआ, लेकिन काम अभी बाकी है. ऋषि गांव में जल निकासी की समस्या है. गांव के गुल्ली मंडल के मुताबिक जर्जर विद्युत तार को बदलने की दिशा में पहल नहीं हुई. जन प्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते तो समस्या का निराकरण हो जाता. श्री मंडल के मुताबिक इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला. गांव के सुकुमार गुप्ता बताते हैं कि राशन कार्ड नहीं मिला. कई लोग सरकारी योजना के लाभ से वंचित हैं. रजनीकांत सिंह के मुताबिक राशन कार्ड, शौचालय आदि का लाभ नहीं मिला. योजना का लाभ के लिए कमीशन देना होता है. पहाड़पुर के रामेश्वर शर्मा के मुताबिक कई जरूरतमंद इंदिरा आवास व राशन-केरोसिन से वंचित हैं. क्या कहती हैं मुखिया प्रत्याशीपिछले पंचायत चुनाव में दूसरे स्थान पर रही किरणपुर गांव की मुखिया प्रत्याशी निर्मला देवी के मुताबिक पंचायत में बीते साढ़े चार वर्षों में विकास का कोई काम नहीं हुआ. मनरेगा के तहत पौधारोपण का कार्य किया गया. लेकिन इसमें भी वन पोषकों की पारिश्रमिक मुखिया जी डकार गये. विकास कार्यो में वृहत पैमाने पर लूट-खसोट हुई. खास कर किरणपुर गांव में विकास कहीं दिखता ही नहीं है. विकास के नाम पर लगभग साढ़े तीन सौ फीट पीसीसी सड़क का निर्माण हुआ है.क्या कहती हैं मुखियामुखिया बिंदु देवी के मुताबिक बीते साढ़े चार वर्षों में पंचायत व ग्रामीणों के विकास के लिए तत्पर रह कर योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया गया. पंचायती राज में छोटे-मोटे विवाद को पंचायत स्तर पर निबटाया गया. प्राथमिकता के आधार पर शौचालय का निर्माण कर पंचायत को खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में कार्य किया गया. जिसे फरवरी 2016 तक पूरा कर लिया जायेगा. मनरेगा के तहत पौधारोपण कर पंचायत में रोजगार का सृजन किया गया. हैवतगंज गांव में स्कूल के लिए दो कट्ठा जमीन उपलब्ध कराया गया है. मनरेगा भवन के लिए भूमि उपलब्ध हो चुका है. तीन घाटों में सीढ़ी निर्माण का कार्य होना है, जिसमें पहाड़पुर में कार्य हो चुका है. जबकि ऋषि व हैवतगंज में कार्य लंबित है.

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