मध्य विद्यालयों में भी रात्रि प्रहरी की होगी तैनाती

Updated at : 02 May 2024 7:54 PM (IST)
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मध्य विद्यालयों में भी रात्रि प्रहरी की होगी तैनाती

शिक्षा विभाग ने अब मध्य विद्यालयों में रात्रि प्रहरी की तैनाती का फैसला लिया है. स्थानीय युवाओं को इस ममकारी में सविदा के तहत बहाल किया जायेगा, जिन्हें हर महीने पांच हजार रुपये मानदेय मिल सकेगा.

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ठाकुरगंज.शिक्षा विभाग ने अब मध्य विद्यालयों में रात्रि प्रहरी की तैनाती का फैसला लिया है. स्थानीय युवाओं को इस ममकारी में सविदा के तहत बहाल किया जायेगा, जिन्हें हर महीने पांच हजार रुपये मानदेय मिल सकेगा. बताते चले इन दिनों सभी सरकारी स्कूलों में पर्याप्त बेंच-डेस्क की आपूर्ति, बल्ब-पंखों की व्यवस्था, पेयजल के लिए मोटर पंप, मध्याह्न भोजन के लिए थालियां और बर्तन की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा लैब, टीवी स्मार्ट बोर्ड और कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है. इन स्कूलों में सृजित संपत्तियों की सुरक्षा का कारगर व्यवस्था नहीं है. वैसे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में रात्रि प्रहरी की व्यवस्था पहले से चली आ रही है. इन रात्रि प्रहरियों को अंशकालिक तौर पर स्थानीय प्रधानाध्यापक और स्कूल प्रबंध समिति की ओर से रखा गया. इन्हें प्रति महीने पांच हजार रुपये की दर से मानदेय दिया जाता है. वहीं जिन माध्यमिक स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित किया गया है, जिसमें रात्रि प्रहरी की व्यवस्था उसी एजेंसी के माध्यम से की गई है, जिसकी ओर से कंप्यूटर लगाया गया है. इन्हें 10 हजार रुपए प्रति माह उन्हें मानदेय दिया जाता है. इसके तहत यदि कोई कंप्यूटर चोरी होता है, तो उस एजेंसी का यह जिम्मा है कि वह चोरी हुई कंप्यूटर को अपने खर्चे पर पुनः स्थापित करें.वर्तमान में मध्य विद्यालय में रात्रि प्रहरी की व्यवस्था नहीं

बताते चले वर्तमान में मध्य विद्यालयों में रात्रि प्रहरी की कोई व्यवस्था नहीं है. केवल उन्हीं मध्य विद्यालयों में रात्रि प्रहरी को एजेंसी की ओर से रखा गया, जहां आईसीटी लैब की स्थापना की गई है. लेकिन अब सभी मिडिल स्कूलों में भी रात्रि प्रहरी रखे जाने का फैसला शिक्षा विभाग ने लिया है इसके लिए विभाग का मानना है कि अधिकांश स्कूलों में पर्याप्त उपस्कर, स्मार्ट क्लास, बेंच डेस्क, पंखे, बर्तन और अन्य सामग्रियां है. हालांकि इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से साफ किया गया है कि मध्य विद्यालयों में लगाए जाने वाले रात्रि प्रहरी की सेवा अंशकालिक होगी और इसके लिए एकमुश्त मानदेय का भुगतान किया जाएगा. बताते चले सभी स्कूलों में हाउस कीपिंक एजेंसियों की ओर से स्कूलों में शौचालयों और परिसर की साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मी रखे गए हैं. इसके लिए एजेंसियों को एक सफाई कर्मी के साथ दो-तीन स्कूलों से संबद्ध किया गया है. इसलिए यह सलाह दी गई है कि सफाई कर्मी को जिन स्कूलों में साफ-सफाई का जिम्मा दिया गया है, उसमें से किसी एक मध्य विद्यालय में रात्रि प्रहरी के रूप में रखा जाए. इससे न केवल स्कूल को रात्रि प्रहरी मिल जाएगा, बल्कि अत्यंत गरीब वर्ग से आने वाले एक सफाई कर्मी को पांच हजार रुपये अतिरिक्त रूप से प्राप्त हो सकेंगे.

पुरुष रसोईयां को भी रात्रि प्रहरी के रूप में रखने की अनुमति

एमडीएम योजना के तहत स्कूलों में कार्यरत पुरुष रसोईयां को भी अंशकालिक रात्रि प्रहरी के रूप में रखने की अनुमति प्रदान की गई है. लेकिन यह ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है कि जिन स्कूलों में पुरुष रसोईया को अंशकालिक रात्रि प्रहरी के रूप में चिह्नित किया जाएगा, उन स्कूलों में हाउसकीपिंग एजेंसी के सफाई कर्मी को यह जिम्मा नहीं दिया जाएगा. लेकिन यह भी साफ कर दिया गया है कि चयनित रात्रि प्रहरी को उनके गांव में अवस्थित मध्य स्कूलों में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी. रात्रि प्रहरी के रूप में हाउसकीपिंग एजेंसियों की ओर से एक वर्दी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी पहचान सहज हो सके. चोरी या सुरक्षा में चूक होने पर एजेंसी को करना होगा भुगतान रात्रि प्रहरी के सेवा के दौरान स्कूल में किसी भी प्रकार की चोरी या सुरक्षा में चूक होने पर सारी जिम्मेवारी संबंधित एजेंसी की होगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी संबंधित एजेंसी के मासिक बिल से चोरी हुए सामान के समतुल्य मूल्य की कटौती की जाएगी और कटौती की गई राशि से चोरी हुई सामान की प्रतिपूर्ति की जाएगी.

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