काश सूबे का मुखिया बिरनाबाड़ी आते तो बदल जाती गांव की सूरत
Updated at : 05 Jan 2020 6:40 AM (IST)
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ठाकुरगंज : काश मुख्यमंत्री नीतीश हमारे गांव भी आते और हमारे दर्द को नजदीक से देखते तो हमारी भी तक़दीर बदलती. यह पीड़ा ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली पंचायत के विरनावाड़ी गांव के लोगों की है़ बताते चलें जल जीवन हरियाली अभियान की शुरुआत करने 6 जनवरी को मुख्यमंत्री ठाकुरगंज आ रहे है. सूबे के मुखिया […]
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ठाकुरगंज : काश मुख्यमंत्री नीतीश हमारे गांव भी आते और हमारे दर्द को नजदीक से देखते तो हमारी भी तक़दीर बदलती. यह पीड़ा ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली पंचायत के विरनावाड़ी गांव के लोगों की है़ बताते चलें जल जीवन हरियाली अभियान की शुरुआत करने 6 जनवरी को मुख्यमंत्री ठाकुरगंज आ रहे है.
सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का पहले कार्यक्रम विरनावाड़ी गांव में निर्धारित किया गया था वहां तैयारियां भी शुरू हो गयी थी पोखर को साफ कर उसे इस अभियान के लिए चकाचक करने का काम शुरू हो गया था सीढ़िया बनने लगी थी. पोखर के चारों तरफ मिट्टी भरकर पोखर कायाकल्प तेजी से जारी था.
वर्षों से अधूरे पड़े आंगनबाड़ी और स्कूल भवन को ठीक करने का काम भी शुरू हो गया था. पोखर के समीप अवस्थित प्राथमिक विद्यालय बिरनाबाड़ी का अधूरा भवन भी बनने लगा था. लेकिन अचानक इस कार्यक्रम को भातडाला पोखर पर स्थानांतरित कर दिए जाने के बाद विरनावाड़ी गांव में शुरू हुआ काम शिथिल हो गया है.
आंगनबाड़ी केंद्र के दिन भी फिरे
वर्ष 2012-2013 के दौरान स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र बिन्नाबाडी वार्ड संख्या ३ के दिन भी मुख्यमंत्री के दौरे के नाम पर फिर गये. एम्एसडीपी घोटाले के जद में आये प्रखंड के लगभग 179 आंगनबाड़ी केन्द्रों में एक इस केंद्र योजना संख्या 5/12-13 के तहत स्वीकृत किया गया था , जो एमएसडीपी घोटाले के मामले को हाई कोर्ट मे जाने के बाद ज्यो का त्यों पड़ा था लेकिन मुख्यमंत्री नितीश कुमार के आने की आहट के बीच अधूरे पड़े आँगनबाड़ी केंद्र की छत की ढलाई हो गयी.
चकाचक हो रहा है स्कूल
वीरनाबाड़ी गांव में मौजूद प्राथमिक विद्यालय भी चकाचक होने लगा है. शनिवार को स्कूल के अधूरे पड़े भवन को पूर्ण करने के काम जोर शोर से होते देखे गया. तालाब के बगल में मोजूद स्कुल में बच्चो की सुरक्षा को देखते हुए चारदीवारी का निर्माण हो चूका है. हलान्कोई काम जोरों पर जारी है लेकिन इसके बाद भी गांव वालों का गम है कि सूबे के मुखिया यदि इस गांव में एक बार पांव रख देते तो गांव की तकदीर बदल जाती.
क्या कहते हैं ग्रामीण
रंजीमा कहती है की अब तक गांव में आंगनबाड़ी केंद्रनहीं होने से बच्चो इसका लाभ नहीं उठापाते थे अब आंगनबाड़ी केंद्रबनने से सभी लाभान्वित होंगे. खालिक कहते है मुख्यमंत्री के आने की खबर के बाद गाँव में नालियों का निर्माण भी हो गया. यदि नितीश का कार्यक्रम होता तो इन नालियों पर पटरे भी लग जाते अब तो खुली नालिया ही रहेगी.
वही सुलेशा कहती है मुख्यमंत्री आने के नाम मात्र से जितना विकास हो गया उसकी उम्मीद नहीं थी अब स्कुल में मास्टर भी आने लगे है. वही मो वली कहते है की सबसे ज्यादा फायदा स्कुल की अधूरी बिल्डिंग के पूर्ण होने से हुआ है. अब पहले तल्ले में भी दिवार बन गई जिससे बच्चे गिरेंगे नहीं वही उन्होंने सकूल के शिक्षक रोजाना आये इसके लिए शिक्षा विभाग से कार्यवाई की मांग की.
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