गोगरी. प्रखंड के सभी पंचायतों में आठ मार्च को महिला ग्रामसभा का आयोजन किया जायेगा. यह ग्रामसभा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर होगा. गुरुवार को बीडीओ राजाराम पंडित की अध्यक्षता में प्रखंड मुख्यालय स्थित टायसेम भवन में पंचायत के मुखिया व सरपंच की एक साथ बैठक हुई. बैठक में बीडीओ ने सभी मुखिया व सरपंच को महिला ग्राम सभा से संबंधित जानकारी दिया. उन्होंने कहा कि देश में पहली बार महिला ग्रामसभा का आयोजन की पहल की गयी है. पीएम और सीएम ने महिला सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है. महिला ग्रामसभा की बैठक में सिर्फ महिलाएं ही भाग लेंगी. साथ ही ग्रामसभा की अध्यक्षता भी करेंगी. बीडीओ ने कहा कि महिला ग्रामसभा में महिलाओं द्वारा योजनाओं का चयन कर अनुशंसा की जायेगी. महिलाएं अपनी योजना स्वतंत्र रूप से तैयार करेंगी. महिला ग्रामसभा में अनुशंसित योजनाओं को वार्षिक आमसभा में प्राथमिकता दी जायेगी. पंचायतों में महिला ग्रामसभा को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी पंचायत के मुखिया की होगी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में सशक्त महिला ग्राम पंचायत का अवार्ड भी दिया जायेगा. राष्ट्रीय स्तर पर ग्राम पंचायतों को विभिन्न सात श्रेणी में पुरस्कार दिया जायेगा. जिसमें सशक्त महिला पंचायत की श्रेणी भी शामिल है. बीडीओ ने बताया कि इसके अलावे ग्राम पंचायतों में 15 वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा से भेजी गयी राशि से कराये गये कार्यों में मजदूरी का भुगतान अभिकर्ता (एजेंट) द्वारा किया जायेगा. इससे दैनिक मजदूरी का भुगतान ऑनलाइन करने में महीनों की जगह अब अधिकतम 48 घंटों के अंदर हो जायेगी. उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर अभिकर्ता पंचायत सचिव होते हैं, जबकि प्रखंड स्तर पर अभिकर्ता का दायित्व प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी होते हैं. अब 15 और छठे वित्त के तहत कार्य पूर्ण किये जाने के बाद की राशि अभिकर्ता के खाते में जल्द से जल्द भेजी जायेगी. मास्टर रॉल के आधार पर अविलंब भुगतान किया जायेगा.
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