परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन किया जा रहा है. संचालक को नियम कायदे से कोई मतलब नहीं है. संचालक कानून को ताक पर रखकर मरीजों को फर्जी रिपोर्ट दे रहे हैं. अल्ट्रासाउंड सेंटर के रिपोर्ट के आधार पर इलाज कराने वाले मरीजों की जान चली जा रही है. फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई करने में स्वास्थ्य विभाग का हाथ कांपने लगता है. यहीं कारण है कि परबत्ता ही नहीं जिले में फर्जी नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटर का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है. चाहें मरीज की जान रहे या नहीं रहे. इतना ही नहीं अधिकतर केंद्र का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इर्द-गिर्द हो रहा है. इस पर निगरानी रखने वाले सब कुछ जानकर भी चुप्पी साधे बैठे हैं. इन केंद्रों के जरिए मरीजों का आर्थिक दोहन हो रहा है.
पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर ने दिया फर्जी रिपोर्ट
ऐसा ही वाकिया परबत्ता में संचालित पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर की सामने आया है. परबत्ता में अवैध रूप संचालित एक भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर सोनोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट नहीं है. हालांकि पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर पर तैनात कर्मी थोड़ी बहुत जानकारी के आधार पर रिपोर्ट देता है. जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सामने आया. भरसो निवासी माधव कुमार ने परबत्ता बाजार में संचालित पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर द्वारा गलत जांच रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है. माधव कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवेदन देकर पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई करने की मांग की है. माधव कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व के तहत पत्नी सुहानी कुमारी का जांच 21 दिसंबर 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करवाया.
कमिशन के फेर में आशा कार्यकर्ता पहुंचाती है अल्ट्रासाउंड सेंटर
स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी द्वारा उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने का सलाह दिया गया. स्वास्थ्य केंद्र के ही एक आशा कर्मी ने पटना अल्ट्रासाउंड पर जांच करवाने के लिए ले गयी. जांच बाद पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर द्वारा रिपोर्ट दिया गया. जिसमें बच्चे को स्वस्थ बताया गया. जबकि 23 फरवरी 2025 को उनकी पत्नी ने दिव्यांग बच्चे को जन्म दिया. इतना ही नहीं नवजात आरबीएस से ग्रसित था. इसके बाद नवजात को एम्स में भर्ती कराया. जहां डॉक्टर पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट को देखकर चकित रह गये. उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या तो पूर्व में ही अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट में आना था. लेकिन यह रिपोर्ट ही पूरी तरह से गलत है.
स्वास्थ्य महकमा की चुप्पी से मरीजों का हो रहा दोहन
धड़ल्ले संचालित हो रहे अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र को लेकर स्वास्थ्य महकमा चुप्पी साध लिया है. इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध तरीके से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर अधिकारी को खुश कर बे रोकटोक कारोबार कर रहा है.
कहते हैं पीएचसी प्रभारी
पीएचसी प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि शिकायत मिली है. मामले की जांच की जाएगी.
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