अलौली. प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सिविल सर्जन डॉ रमेंद्र कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनीष कुमार के द्वारा प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में फाइलेरिया रोधी दवाई खिलायी गयी. इस दौरान सीएस व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मध्य विद्यालय चातर, अलौली, इचरूआ, हरिपुर सहित विभिन्न स्कूलों में बच्चों को बिस्कुट खिला कर फाइलेरिया रोधी दवाइ खिलायी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रसार को रोकना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है. इस दौरान सिविल सर्जन ने कहा इस बीमारी से बचने के लिये दवा खाने के लिए जो समय -सीमा निर्धारित किया गया है, तब तक दवा जरूर खायें. यानी लगातार पांच वर्षो तक फलेरिया रोधी दवा खाना जरूरी होता है, तभी हम फाइलेरिया से अपना पूर्ण बचाव कर पायेंगे. वहीं डॉ मनीष ने कहा की इस दवा को खाने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. अगर किसी को दवा खाने के बाद हल्का चक्कर, मितली या उलटी होता है तो घबराएं नहीं ये आपके लिए शुभ -संकेत है की फाइलेरिया के परजीवी जो आपके अंदर था वो मर रहे हैं. मौके पर स्कूल के अध्यापक, स्वास्थ्य प्रबंधन रिपुंजय कुमार, पिरामल फाउंडेशन डिस्ट्रिक लीड सेराज हसन के प्रोग्राम ऑफिसर ओमकार ठाकुर आदि मौजूद थे.
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