स्कूल है या खटाल, खतरे में शक्षिा का हाल

Published at :25 Nov 2015 10:08 PM (IST)
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स्कूल है या खटाल, खतरे में शक्षिा का हाल

स्कूल है या खटाल, खतरे में शिक्षा का हाल फोटो 29 में कैप्सन- बंद पड़े विद्यालय परिसर में बना खटाल, रसोई घर में रखा जलावन ————प्राथमिक विद्यालय बनारसी राय टोला में कुव्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोरचा ग्रामीणों ने कहा, महीने दो महीने में कभी कभी खुलता है स्कूल अधिकारी नहीं देते ध्यान, खतरे […]

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स्कूल है या खटाल, खतरे में शिक्षा का हाल फोटो 29 में कैप्सन- बंद पड़े विद्यालय परिसर में बना खटाल, रसोई घर में रखा जलावन ————प्राथमिक विद्यालय बनारसी राय टोला में कुव्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोरचा ग्रामीणों ने कहा, महीने दो महीने में कभी कभी खुलता है स्कूल अधिकारी नहीं देते ध्यान, खतरे में विद्यालय के बच्चों का भविष्य —————-शैक्षणिक स्तर को सुधारने की तमाम कोशिश दूर-दराज के इलाकों में दम तोड़ देती है. अधिकारियों को फाइल व रिपोर्ट बनाने से फुरसत नहीं है. लिहाजा विद्यालयों की नियमित जांच नहीं होने से स्थिति बदहाल होती जा रही है. खासकर दियारा, दूर-दराज के सीमावर्ती इलाके जैसे जगहों पर स्थित विद्यालय तो खुलते ही नहीं है. स्थानीय दबंगों से सांठगांठ कर प्रधान शिक्षक सहित शिक्षक मजे से वेतन उठाते रहते हैं. लिहाजा बच्चों का भविष्य निर्माण खतरे में नजर आ रहा है. बच्चे हैरान तो ग्रामीण परेशान हैं. शिकायतें भी अधिकारियों के दफ्तर में जाते ही रद्दी की टोकरी में चले जाते हैं. जांच भी होती है तो कार्रवाई की बजाय वसूली पर ज्यादा ध्यान रहता है. ऐसे में शिक्षा की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिये तुरंत पहल की जरूरत है वरना आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी. ————————-प्रतिनिधि, मानसीशिक्षा का स्तर सुधारने के लिये सरकारी प्रयास से बेखबर कई विद्यालय खटाल बन चुके हैं. शिक्षक विद्यालय से गायब रह कर मजे से वेतन उठा रहे हैं. इधर, बच्चों का भविष्य बरबाद हो रहा है.खटाल बना विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बनारसी राय टोला टीकारामपुर विद्यालय कम खटाल ज्यादा दिखाई पड़ता हैं. बकायदा, सारे संसाधन तक मौजूद हैं.जानवरों को बांधने के लिये खूंटा से लेकर खाने के लिये नाद तक यहां रखा हुआ है. यहां की स्थिति बयां कर रही है कि यह विद्यालय महीनाें से नहीं खुला है. विद्यालय परिसर में गाय भैंस बांध कर रखा जाता है. ग्रामीणों ने किया हंगामा विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित कुल तीन शिक्षक कार्यरत हैं. विद्यालय में लगभग 225 बच्चे नामांकित हैं. मंगलवार को ग्रामीणों ने विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था के खिलाफ जमकर हंगामा किया. ग्रामीण चन्द्रशेखर कुमार, कुमोद कुमार, कमल किशोर यादव, अरूण यादव, दशरथ तांती, बिशेसर यादव, शैलेश शर्मा, डीगो यादव, घोलट यादव सहित दर्जनों लोगों ने बताया की विद्यालय को मनमाने तरीके से खोला जाता है. महीने दो महीने में कभी विद्यालय खुलता है. अधिकांश दिनाें में यहां खटाल ही बना रहता है. अब जब विद्यालय खुलता ही नहीं तो एमडीएम भी बंद है. इसके अलावा विद्यालय में पढ़ने वाले कई छात्रों ने छात्रवृत्ति, पोशाक राशि नहीं बांटने की शिकायत की. विद्यालय के दीवार , शौचालय एवं रसोई घर में जलावन रखा जा रहा है. हंगामा के वक्त विद्यालय में मात्र एक शिक्षक विजय कुमार मौजूद मिले. शिक्षक विजय कुमार ने बताया कि एमडीएम दीपावली से बंद हैं. कहते हैं प्रधानाध्यापक इधर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विशाल कुमार राय ने बताया की विद्यालय परिसर खुला रहने के कारण पशु प्रवेश कर जाता हैं. उन्होंने कहा की ग्रामीणों का सहयोग मिलेगा तभी खटाल पर लगाम लग पायेगा.

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