जिले के कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई ठप

Published at :22 Aug 2015 6:32 AM (IST)
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जिले के कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई ठप

खगड़िया/बेलदौर : जिले में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार को भी जन जीवन प्रभावित रहा. हालांकि दोपहर के बाद बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली. आज भी जिले के कई शैक्षणिक संस्थानों में पठन पाठन ठप रहा. पानी के कारण जेएनकेटी इंटर विद्यालय, लाल बाबू बालिका उच्च विद्यालय, बापू मध्य विद्यालय […]

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खगड़िया/बेलदौर : जिले में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार को भी जन जीवन प्रभावित रहा. हालांकि दोपहर के बाद बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली. आज भी जिले के कई शैक्षणिक संस्थानों में पठन पाठन ठप रहा. पानी के कारण जेएनकेटी इंटर विद्यालय, लाल बाबू बालिका उच्च विद्यालय, बापू मध्य विद्यालय सहित कई विद्यालय के परिसर में पानी जमा रहा.

हालांकि नगर परिषद द्वारा पानी निकासी के लिए स्लुईस गेट खोल दिया गया. शहर से अधिकांश पानी निकल गया. लेकिन इससे पहले धोबी टोला, जय प्रकाश नगर, पटेल नगर के बच्चों ने ट्यूब नौका के सहारे मनोरंजन किया.

लगातार हो रही है बारिश

प्रखंड क्षेत्र मे बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से एक ओर किसानों ने राहत भरी सांस ली है, वहीं जलजमाव के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि से प्रखंड के दिघौन, इतमादी, कुर्बन, पचैत एवं कैंजरी पंचायत के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. इससे थलहा, तरौना, रुकमिणियां, मुरली, भरना, गांधीनगर, भोजूटोल बासा, बघड़ा, गांधीनगर, कैंजरी पश्चिमी पार बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं.

इससे इन गांवों का सीधा सड़क संपर्क पंचायत एवं प्रखंड मुख्यालय से भंग हो गया है. हालांकि बाढ़ के पानी से जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन बारिश के कारणों से कई गांवों में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

वहीं पचैत पंचायत के मुरली गांव में शिव राम का भीत का घर बारिश के कारण ध्वस्त हो गया एवं घर के नीचे दबकर उनकी एक बकरी व पालतु कुत्ते की मौत व घर में रखे सभी सामान दबकर बरबाद हो गये. इसके अलावे कई घरों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है.

वहीं कई कच्चे घर के गिर जाने की भी सूचना है. बताया जाता है कि लगातार बारिश होने के कारण कुर्बन पंचायत के कपिलदेव सिंह, फुलवड़िया गांव के भूषण सदा, रामरक्षी सदा, प्रभू पासवान आदि का घर गिर गया है. जिससे इन परिवारों के सामने आवास की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है.

वहीं पशुपालकों को मवेशियों के रख रखाव एवं उनके चारे के व्यवस्था करने में एंड़ी चोटी का पसीना एक करना पड़ रहा है. बारिश का पानी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भी प्रवेश कर गया है. इससे कर्मियों के अलावा आम नागरिकों को भी कार्यालयों से काम करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं खरीफ उत्पादक किसानों में खुशी व्याप्त है.

बारिश व बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित दिघौन पंचायत हुआ. लोग दिघौन के थलहा धार में जान जोखिम में डालकर गले भर पानी में पार करने को विवश हैं. जबकि धार के समीप ही बांस की बनी जुगाड़ पुल भी नदी के पानी में लगातार हो रही बढोतरी के कारण कभी भी ध्वस्त हो सकता है.

टापु में तब्दील हो चुके दिघौन पंचायत के लोगों के सामने आवागमन की बिकट संकट उत्पन्न हो गयी है . प्रभावित लोगों ने अस्थायी आवागमन के लिऐ थलहा धार ,तरोना धार आदि कटिंगो पर सरकारी नाव के परिचालन की मांग की.

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