दो वर्षो से विभागीय पेच में फंसा है मानदेय

Published at :09 Apr 2015 8:46 AM (IST)
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दो वर्षो से विभागीय पेच में फंसा है मानदेय

परबत्ता: प्रखंड में विगत दो वर्षो से कार्यरत रहने के बावजूद तीन शिक्षकों को मानदेय नहीं मिल रहा है. प्रखंड शिक्षक नियोजन वर्ष 2012 में नियोजित इन तीन शिक्षकों को मानदेय नहीं देकर नियोजन इकाई उस अपराध की सजा दे रही है, जो उन्होंने किया ही नहीं है. प्रखंड में वर्ष 2012 में शुरू शिक्षक […]

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परबत्ता: प्रखंड में विगत दो वर्षो से कार्यरत रहने के बावजूद तीन शिक्षकों को मानदेय नहीं मिल रहा है. प्रखंड शिक्षक नियोजन वर्ष 2012 में नियोजित इन तीन शिक्षकों को मानदेय नहीं देकर नियोजन इकाई उस अपराध की सजा दे रही है, जो उन्होंने किया ही नहीं है. प्रखंड में वर्ष 2012 में शुरू शिक्षक नियोजन में वर्ष 2013 में नियोजन पत्र दिया गया.

आवेदन कर नियोजन पत्र नहीं मिलने पर अभ्यर्थी निशा कुमारी ने डीएम से अनियमितता की शिकायत दर्ज करायी. 17 जनवरी 2014 को तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह ने वरीय उपसमाहर्ता की टीम के साथ नियोजन से संबंधित अभिलेखों की जांच की. इस जांच के पश्चात नियोजन से संबंधित सभी चयन सूची को जिले की आधिकारिक वेबसाइट डाल दिया गया. इस प्रकाशन से यह पता चला कि डेढ़ दर्जन से अधिक वैसे अभ्यर्थियों को भी नियोजन पत्र दिया गया है, जिनका नाम किसी भी चयन सूची में नहीं है.

इसके अलावा सामान्य अभ्यर्थी खेतांगिनी सुमन का नियोजन दृष्टि बाधित रोस्टर पर, श्रवण बाधित के रोस्टर पर आदेश नि:शक्त पंकज कुमार का तथा स्वस्थ सामान्य अभ्यर्थी आशीष कुमार का नियोजन अस्थि नि:शक्त रोस्टर पर कर दिया गया. इन अभ्यर्थियों को मानदेय भुगतान के विषय में जब जिले से मार्ग दर्शन मांगा गया, तो डीइओ ने सभी संदिग्ध नियोजितों को हटाने तथा प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया. नियोजन इकाई ने डीएम से इस संदर्भ में मार्गदर्शन मांगा. नियोजन इकाई ने 6 जनवरी को बैठक कर इन शिक्षकों का रोस्टर बिंदु परिवर्तित कर जिले को अनुमोदन के लिये भेज दिया. अब अनुमोदन की प्रत्याशा में इन तीन शिक्षकों का वेतन शुरू नहीं हो सका है.

एक गलती ने खड़ी की कई समस्याएं
हालांकि नियोजन इकाई द्वारा की गयी गलती के कारण कई प्रकार की परेशानियां उत्पन्न हो चुकी हैं. पहले जिस नि:शक्त रोस्टर पर इन शिक्षकों की बहाली हुई थी, उसे जिला द्वारा रिक्त घोषित कर वर्ष 2014 में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गयी. अब नियोजन इकाई के रोस्टर बिंदु को ठीक करने के प्रतिवेदन के पश्चात जिले में उस रोस्टर बिंदु को भी रिक्त घोषित कर दिया गया है, जिस पर ये तीनों अभी कार्यरत है. जिला पदाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देकर गुहार लगा कर थक चुके इन शिक्षकों को समझ में नहीं आ रहा है कि ये जायें तो कहां जायें. बहरहाल इस संदर्भ में बीइओ अखिलेश कुमार यादव ने बताया कि रोस्टर बिंदु के निराकरण के लिये जिले से मार्गदर्शन मांगा गया है. रोस्टर बिंदु क्लियर होते ही भुगतान कर दिया जायेगा.
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