जिला प्रबंधक की संदिग्ध जानकारी पर जिलाधिकारी ने फिर से करायी जांच

Updated at : 24 Aug 2018 6:41 AM (IST)
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जिला प्रबंधक की संदिग्ध जानकारी पर जिलाधिकारी ने फिर से करायी जांच

जिला प्रबंधक ने बेलदौर गोदाम से सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब होने के बारे में एसडीओ को गलत जानकारी देने से उठे सवाल डीएम के निर्देश पर फिर से गोदाम की जांच नहीं हुई होती, तो सरकारी अनाज की कालाबाजारी के खेल की हो जाती लीपापोती बेलदौर गोदाम के एजीएम को बचाने के लिए जिला प्रबंधक […]

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जिला प्रबंधक ने बेलदौर गोदाम से सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब होने के बारे में एसडीओ को गलत जानकारी देने से उठे सवाल

डीएम के निर्देश पर फिर से गोदाम की जांच नहीं हुई होती, तो सरकारी अनाज की कालाबाजारी के खेल की हो जाती लीपापोती
बेलदौर गोदाम के एजीएम को बचाने के लिए जिला प्रबंधक ने गोगरी एसडीओ को भ्रामक जानकारी देकर की थी बरगलाने की कोशिश
खगड़िया : बेलदौर एसएफसी के गोदाम से सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब होने के मामले में जिला प्रबंधक ने एसडीओ को गलत व भ्रामक जानकारी देकर एजीएम को बचाने की पूरी कोशिश की थी.
लेकिन एसएफसी के जिला प्रबंधक की बातों पर शक होने पर डीएम ने फिर से दोबारा गोदाम की जांच करवायी तो सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब पाया गया. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एसएफसी के जिला प्रबंधक ने गोदाम की जांच गड़बड़ी पाये जाने पर भी एसडीओ से झूठ क्यों बोला कि गोदाम में कोई खास गड़बड़ी नहीं पायी गयी है. लिहाजा, बेलदौर एसएफसी के गोदाम प्रबंधक को बचाने की कोशिश में जिला प्रबंधक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गयी है. बताया जाता है कि बेलदौर एसएफसी गोदाम में 300 क्विंटल से अधिक चावल गायब होने के मामले को दबाने के लिये जिला प्रबंधक ने पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन गोदाम की दोबारा जांच होने से जिला प्रबंधक की सारी तैयारी धरी की धरी रह गयी और सरकारी अनाज की हेराफेरी का पूरा खेल सामने आ गया.
सब कुछ हो गया था मैनेज, दोबारा जांच ने फेर दिया पानी
बताया जाता है कि 16 अगस्त को एसएफसी के जिला प्रबंधक शहनवाज अहमद नियाजी ने जब बेलदौर गोदाम की जांच की थी तभी गोदाम से सैकड़ों क्विंटल अनाज (चावल) कम थे. लेकिन जिला प्रबंधक ने मामले को दबाने की योजना के तहत एसडीओ को झूठी जानकारी देकर बरगलाना चाहा लेकिन
डीएम ने बिना कोई देरी किये एडीएसओ उपेन्द्र शर्मा व बेलदौर बीडीओ शशिभूषण की संयुक्त टीम बना कर अगले ही दिन सुबह सात बजे गोदाम की जांच के लिये भेज दिया. इसके बार गोदाम से सरकारी अनाज की कालाबाजारी के खेल का पर्दाफाश हो गया. कहा जाता है कि अगर दो घंटे और देरी होती तो गोदाम प्रबंधक द्वारा गोदाम की गड़बड़ी को दुरुस्त कर लिया गया होता.
ऐसे में सवाल उठता है कि जिला प्रबंधक द्वारा गोगरी एसडीओ को गोदाम से अनाज गायब होने की गलत जानकारी देकर इसे दबाने के पीछे क्या राज हैं? सरकारी अनाज की हेराफेरी मामले में जिला प्रबंधक व गोदाम प्रबंधक की साठगांठ की गांठ खुलने के बाद दोनों अधिकारी मीडिया के सवालों का जवाब देने से कतराने लगे हैं. एसएफसी के जिला प्रबंधक शहनवाज अहमद नियाजी व गोदाम प्रबंधक आशुतोष कुमार आलोक मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं.
300 क्विंटल चावल गायब और करीब 500 क्विंटल गेहूं अधिक मिला : एसडीओ
गोगरी एसडीओ सुभाष चन्द्र मंडल ने कहा कि 16 अगस्त को एसएफसी के जिला प्रबंधक ने बेलदौर गोदाम की जांच की थी. जिसके बारे में पूछने पर एसएफसी के जिला प्रबंधक ने झूठी जानकारी देते हुए कहा कि गोदाम में कुछ खास गड़बड़ी नहीं मिली है.
शंका होने पर बीडीओ व एडीएसओ की टीम ने 17 अगस्त को गोदाम की जांच की गयी तो 300 क्विंटल चावल गायब पाया गया. जबकि करीब 500 क्विंटल गेहूं स्टॉक में अधिक मिला. जो गोदाम से अनाज की हेराफेरी की ओर इशारा कर रहा है. गोदाम को सील कर पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गयी है.
अनाज की कालाबाजारी करने वाले जाएंगे जेल : डीएम
बेलदौर से गुलाबबाग मंडी पहुंच रहा था सरकारी अनाज
बेलदौर एसएफसी गोदाम से अनाज गरीबों तक पहुंचने की बजाय कालाबाजारी कर गुलाबबाग मंडी पहुंचाये जा रहे थे. एसएफसी के गोदाम प्रबंधक (एजीएम) की मिलीभगत से हो रहे इस काले कारोबार में कई टेबल तक कमीशन की रकम पहुंचने की खबर है.
तभी बेलदौर एसएफसी में नियम कायदे को ताक पर रख कर रात के अंधेरे में सैकड़ों क्विंटल अनाज निकाल कर हेराफेरी का गोरखधंधा चल रहा था. डुमरी पुल बंद रहने के कारण अधिकारी जल्दी इस गोदाम की ओर झांकने तक नहीं जाते थे. एसएफसी के जिला प्रबंधक स्तर के अधिकारी जाते थे लेकिन मामला मैनेज होने के बाद लीपापोती हो जाती थी.
कहा जाता है कि कालाबाजारी का चावल मधेपुरा के आलमनगर होते हुए पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी में कालाबाजारी कर पहुंचाये जा रहे थे. ऐसे में सवाल उठता है कि बरसों से चल रहे इस गोरखधंधे की जानकारी अधिकारियों को नहीं थी या फिर मैनेज के सहारे गोलमाल हो रहा था? यह जांच का विषय है.
गिरफ्तारी के विरोध में तोड़फोड़ व पथराव
पुलिस व प्रशासन ने किया फ्लैग मार्च
उपद्रवियों द्वारा शहर को अशांत करने की सूचना के बाद कई थाना की पुलिस को शहर में बुलाकर डीडीसी राजेश कुमार सिंह, सदर एसडीओ शंभुनाथ झा, सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, कहरा बीडीओ अमरेंद्र अमर, सदर थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, बनगांव थानाध्यक्ष मो सरवर आलम के नेतृत्व में दर्जनों पुलिस अधिकारी व जवानों ने डीबी रोड, शंकर चौक, गंगजला चौक, पंचवटी चौक रोड में फ्लैग मार्च किया. एसडीओ व एसडीपीओ स्वयं माइक से लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने व मामले को दूसरे रूप देने वालों से सख्ती से प्रशासन के निबटने की बात कह लोगों को धैर्य रखने की अपील कर रहे थे.
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