संस्कृति उत्सव में काव्य पाठ के जरिए पाश्चात्य संस्कृति पर चोट

Updated at : 25 Dec 2025 7:19 PM (IST)
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संस्कृति उत्सव में काव्य पाठ के जरिए पाश्चात्य संस्कृति पर चोट

संस्कृति उत्सव में काव्य पाठ के जरिए पाश्चात्य संस्कृति पर चोट

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कटिहार संस्कृति उत्सव महेश्वरी एकाडमी खेल परिसर के मंच पर पांचवें दिन साहित्य सम्मेलन के तहत कवि गोष्ठी आयोजित की गयी. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अवकाश प्राप्त प्राचार्य डॉ जवाहर देव की अध्यक्षता में आयोजित इस कवि गोष्ठी कई प्रमुख कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति से लोगों को बार- बार ताली बजाने पर मजबूर कर दिया. कवि गोष्ठी में मंच संचालन हिन्दी साहित्य सम्मेलन के जिला सचिव डॉ अवध बिहारी आचार्य ने किया. गोष्ठी को अजय कुमार मीत, वाकीफ कलीम, शिवकुमार नीलकंठ,कवियत्री नेहा किरण, लक्ष्मी कुमारी, आम्रपाली यादव ने स्वदेश प्रेम एवं राष्ट्र भक्ति पर आधारित काव्य पाठ कर श्रोताओं को ओत-प्रोत कर दिया. कवियत्री नेहा ने समापन से पूर्व राष्ट्र कवि दिनकर की यह नववर्ष हमें स्वीकार नहीं का पाठ कर चेतावनी दी और अपने नववर्ष के आनेकी प्रतिक्षा करने का आग्रह किया. कवि गोष्ठी के समापन के बाद स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह संयोजक विनय भूषण के नेतृत्व में रामसेतु रक्षार्थ आंदोलन के सूत्रधार डॉ रामविलास वेदांती एवं बंगला देश में मारे गये हिन्दू युवक को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. साथ सबको धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में अवधेश कुमार, बिमल, दसरथ प्रसाद राय, नेहा कुमारी, रिया राउत सत्यनारायण प्रसाद, शंकर साह, जयप्रकाश बारीक लगे रहे.

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