आरडीएस कॉलेज सालमारी के मनोविज्ञान शिक्षक की मनमानी से कई छात्र इंटर में फेल

Published by :RAJKISHOR K
Published at :05 Apr 2025 7:58 PM (IST)
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आरडीएस कॉलेज सालमारी के मनोविज्ञान शिक्षक की मनमानी से कई छात्र इंटर में फेल

आरडीएस कॉलेज सालमारी के मनोविज्ञान शिक्षक की मनमानी से कई छात्र इंटर में फेल

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– 319 नंबर लाकर भी छात्र हो गया अनुत्तीर्ण, भविष्य को लेकर सशंकित, अभिभावक लगा रहे कॉलेज का चक्कर – प्रायोगिक परीक्षा में अधिकांश मनोविज्ञान के छात्र-छात्राओं को दिया गया 9 नंबर – आरडीएस कॉलेज सालमारी के प्राचार्य को नहीं है मामले की जानकारी प्रतिनिधि, कटिहार अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकों की मनमानी का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है. आरडीएस कॉलेज सालमारी से केबी झा कॉलेज में बॉटनी विभाग में आये अतिथि शिक्षक अजय कुमार का मामला अभी थमा भी नहीं कि आरडीएस कॉलेज सालमारी में मनोविज्ञान विभाग का एक नया मामला सामने आया है. कुंठित विचाराधारा के कारण इंटरमीडिएट में प्रायोगिक परीक्षा में महज नौ नंबर देने के बाद कई छात्र फेल हो गये हैं. इसमें 319 नम्बर लाने के बाद भी एक छात्र का परिणाम अनुत्तीर्ण आने से भविष्य को लेकर सशंकित है. मनोविज्ञान विषय में इस तरह के कई छात्र- छात्राओं के साथ हुआ है. जिसके बाद से छात्र व अभिभावकों के बीच परेशानी का सबब बना हुआ है. इसको लेकर प्रतिदिन छात्र अपने अभिभावकों के साथ कॉलेज प्रशासन के समक्ष चक्कर लगाने को विवश हो रहे हैं. छात्रों को यह समझ नहीं आ रही है कि प्रायोगिक विषय में फेल होने के बाद किस विषय में परीक्षा फॉर्म भरना है. इसको लेकर कॉलेज प्रशासन तक के पास कोई जवाब नहीं है. अभाविप के बासु कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज पोद्दार, लक्ष्मण शमां, अमृत सिंह, राेहित कुमार समेत अन्य का कहना है कि इंटरमीडिएट सैद्धांतिक परीक्षा में 70 और प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों का होता है. म्यूजिक, मनोविज्ञान, भौतिकी, रसायनशास्त्र, गृह विज्ञान प्रायोगिक विषय हैं. इसमें प्रायोगिक परीक्षा में तीस अंकों में साधारणत 15 -16 अंक दिये जाते हैं. अधिकतम बीस से 28 अंक तक परीक्षकों द्वारा उपलब्ध कराया जाता है. उनलोगों का कहना है कि मनोविज्ञान विषय के शिक्षक द्वारा अधिकांश छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में महज नौ अंक दिया गया है. इससे अधिक अंक लाने के बाद भी कई छात्र फेल हो गये हैं. एक छात्र का 319 अंक आने के बाद भी वह अनुतीर्ण है. छात्रों के बीच कयास लगायी जा रही है कि प्रायोगिक परीक्षा में शिक्षकों की मनोकामना पूरी नहीं करने के कारण उनलोगों को अंक देने में भेदभाव बरता गया है. उनलोगों ने प्राचार्य से उच्चस्तरीय जांच करा कर मामले में संज्ञान लेने की अपील की है. साथ ही उनलोगों का भविष्य बर्बाद न हो. इस पर भी ध्यान देने की मांग की है. मार्गदर्शन के लिए बिहार बोर्ड को कराया जायेगा अवगत ————————————————————– वे फरवरी माह में आरडीएस कॉलेज सालमारी के प्राचार्य के रूप में योगदान किये हैं. मनोविज्ञान विषय में अधिकांश छात्र छात्राओं को महज नौ नम्बर दिया गया है. इस तरह मामला उनके समक्ष आया है. छात्र व अभिभावक तीन चार दिन से इसको लेकर चक्कर लगा रहे हैं. परीक्षा नियंत्रक प्रफुल्ल कुमार से ऐसे छात्रों से आवेदन लेने को कहा गया है. साथ ही बिहार बोर्ड को भी लिखित अवगत कराने को निर्देश दिया गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के मार्गदर्शन के आलोक में अभिभावकों को अवगत करा दिया जायेगा. डॉ सतीशचन्द्र मिश्रा, प्रभारी प्राचार्य, आरडीएस कॉलेज सालमारी,

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