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लक्ष्मी के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार कटिहार

Updated at : 29 Oct 2024 10:18 PM (IST)
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दीपावली व कालीपूजा को लेकर लोगों में उत्साह

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कटिहार. जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली एवं काली पूजा को लेकर चहल-पहल काफी तेज हो गयी है. गुरुवार को दीपावली का त्योहार होगा. जबकि इसी दिन मध्यरात्रि के बाद मां काली की पूजा अर्चना व दर्शन के लिए पट खुल जायेगा. दीपावली एवं काली पूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. मंगलवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में अत्यधिक भीड़ रही. शहरी क्षेत्र के सभी प्रमुख बाजारों में खरीदारी को लेकर भीड़ उमड़ पड़ी. दीपावली एक ऐसा त्योहार है, जो सीधे तौर पर स्वच्छता एवं प्रकाश का संदेश देता है. पिछले एक पखवारे से लोग अपने-अपने घरों को साफ सफाई करने में जुटे रहे. साथ ही अपने-अपने घरों को आकर्षक तरीके से सजाया-सवांरा गया है. दीपावली के दिन बड़ी तादाद व्यवसायी व आमलोग लक्ष्मी व गणेश की पूजा अर्चना करते है. इसकी भी तैयारी पूरी हो चुकी है. दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा भी होती है. लोग अपने यहां माल मवेशी की पूजा अर्चना करते है. वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है. साथ ही इसी दिन मां काली की पूजा अर्चना एवं आराधना की जाती है. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मां काली की पूजा अर्चना को लेकर भव्य पंडाल बनाये गये है तथा मेला का भी आयोजन किया जाता है. बाजार में रही चहल- पहल दीपावली को लेकर मंगलवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में अत्यधिक चहल-पहल रही. दीपावली के दिन होने वाले लक्ष्मी व गणेश पूजा को लेकर लोग खरीददारी करते रहे. पूजा अनुष्ठान से जुड़े सामग्री के साथ- साथ लोग अन्य कई तरह के सामग्री की भी खरीददारी करते रहे. खास घर सजावट की सामग्री की खरीददारी में लोगों की काफी दिलचस्पी ली है. शहर के मंगल बाज़ार, फलपट्टी, श्यामा टॉकीज रोड, न्यू मार्केट रोड, एमजी रोड, शहीद चौक, बड़ा बाज़ार, मिरचाईबाड़ी आदि क्षेत्र के सभी बाजारों में खरीददारी को लेकर उमड़ी भीड़ की वजह से जाम की स्थिति बनी रही. कई बाजारों एवं चौक चौराहा पर सुरक्षा कर्मी तैनात किये गये है. घर को सजाने संवारने में जुटे रहे है लोग दीपावली को लेकर लोग एवं व्यवसायी अपने-अपने घर एवं प्रतिष्ठान की साफ-सफाई पिछले एक पखवारे से कर रहे है. अब उसे अंतिम रूप दे दिया गया है. साथ ही घरों एवं प्रतिष्ठानों को आकर्षक तरीके से सजाया संवारा जा रहा है. खासकर बिजली लाइटिंग से घरों को सजाया संवारा गया है. साथ ही कई तरह के फूल पत्ती व आकर्षक सामग्री का भी उपयोग लोगों ने अपने घरों एवं प्रतिष्ठान में किया है. बुधवार को भी लोग सजावट से जुड़े सामग्री की खरीददारी करने में जुटे रहे. साथ ही चुना, पेंट सहित कई अन्य तरह के सामग्री की भी लोग खरीदारी करते रहे. बिजली के प्रतिष्ठान व सजावट सामग्री के दुकानों पर खरीददारी को लेकर अत्यधिक भीड़ देखी गयी. पटाखे और आतिशबाजी की भी धूम शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में आतिशबाजी व पटाखे को लेकर भी धूम मची रही. खासकर युवाओं एवं बच्चों में आतिशबाजी एवं पटाखा छोड़ने को लेकर अत्यधिक उत्साह देखने को मिला है. मंगलवार से ही बच्चे पटाखे छोड़ना शुरू कर दिए है. इससे दिवाली की रौनक और बढ़ गयी है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानों पर पटाखा एवं आतिशबाजी के विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी को लेकर युवाओं की भीड़ जुटी रही. अपने-अपने आर्थिक क्षमता के आधार पर लोग पटाखे आतिशबाजी की सामग्री की खरीददारी करते रहे. दीपावली को लेकर बच्चे एवं युवाओं में खासतौर पर उत्साह देखा जा रहा है. केला के पौधा की बढ़ी डिमांड दीपावली में केला के पौधा का खास महत्व माना जाता है. यही वजह है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में केला के पौधा को लेकर डिमांड बढ़ गयी है. शहरी क्षेत्रों में तो लोग आपसी समन्वय के आधार पर केला का पौधा उपलब्ध कर लेते है. पर शहरी क्षेत्रों में इसकी किल्लत काफी बढ़ गयी है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से केला का पौधा शहर में बेचने के लिए पहुंच गया है. बड़ी संख्या में शहरी क्षेत्र के श्रद्धालु केला के पौधा खरीददारी करने में जुटे है. 100 से 200 रुपये तक केला का एक पौधा की बिक्री की जा रही है. दरअसल लोग अपने-अपने प्रतिष्ठान एवं घरों के सामने केला का पौधा लगाकर घर को सजाने संवारने का काम करते है. यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है. यही वजह है कि बढ़ती डिमांड के बाद केला के पौधा की बिक्री भी बढ़ने लगी है. कालीपूजा को लेकर लोगों में उत्साह शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में काली पूजा को लेकर भी लोगों में उत्साह व्याप्त है. गुरुवार की मध्यरात्रि के बाद मां काली के दर्शन के लिए पट खुल जायेगा. शहरी क्षेत्र में कई आकर्षक पंडाल बनाये गये है. मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जायेगी. सार्वजनिक काली मंदिर एवं पंडालों में मां काली की पूजा अर्चना को लेकर तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मां काली के पूजा अर्चना के साथ साथ भव्य मेला व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी तैयारी की गई है. शहर के काली बारी रोड स्थित प्रसिद्ध सार्वजनिक काली मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर विशेष तैयारी की गई है. कई क्षेत्रों में तो बड़ी तादाद में मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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