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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे निर्माण के नये महाप्रबंधक बने आशीष बंसल

Updated at : 19 Feb 2026 6:57 PM (IST)
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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे निर्माण के नये महाप्रबंधक बने आशीष बंसल

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे निर्माण के नये महाप्रबंधक बने आशीष बंसल

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कटिहार यूपीएससी 1989 बैच के भारतीय रेलवे इंजीनियर्स सेवा के अधिकारी आशीष बंसल ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक का कार्यभार संभाल लिया है. एनएफ रेलवे के बतौर महाप्रबंधक ज्वाइन करने से पहले वे मार्च, 2023 से भारत सरकार के अधीनस्थ रेल मंत्रालय में प्रधान कार्यकारी निदेशक (ट्रैक मॉडर्नाइजेशन एंड मशीन्स) पद पर कार्य किया. बतौर महाप्रबंधक वे पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के क्षेत्राधिकार यानी सिक्किम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्य और पश्चिम बंगाल एवं बिहार के कुछ हिस्सों में आने वाले सभी रेल निर्माण गतिविधियों के प्रभारी होंगे. जनवरी, 1991 में भारतीय रेलवे सेवा ज्वाइन करने के बाद बंसल को आरडीएसओ एवं डीएमआरसी सहित रेलवे बोर्ड और विभिन्न रेलवे ज़ोन में ट्रैक मेंटेनेंस, पॉलिसी बनाना, ब्रिज इंजीनियरिंग, मेट्रो कंस्ट्रक्शन में बेहतर अनुभव के साथ कार्य किया है. उन्होंने पूर्व मध्य रेलवे के अधीन धनबाद मंडल में मंडल रेल प्रबंधक के रूप में अपनी सेवा दी और भारतीय रेलवे के सभी मंडलों की तुलना में सर्वाधिक माल लोडिंग और माल राजस्व हासिल करने का गौरव दिलाया. इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक का पदभार भी संभाला है. यूएसए से आयातित एक हाई-स्पीड ट्रैक रिकॉर्डिंग कार को संचालित करने तथा दो अतिरिक्त ट्रैक रिकॉर्डिंग कारों को चालू करने में अपनी अहम भूमिका निभाई. मेंटेनेंस प्लानिंग और मॉनिटरिंग के लिए ट्रैक रिकॉर्डिंग डेटा के इस्तेमाल पर दो लेख भी लिखे. उत्तर रेलवे के मुख्य ट्रैक इंजीनियर के तौर पर अपने कार्यकाल में, वे लगभग 10000 कि.मी. नेटवर्क के ट्रैक मेंटेनेंस के साथ-साथ ट्रैक रिन्यूअल के कार्यों में शामिल थे. भारत सरकार के अधीनस्थ रेल मंत्रालय में प्रधान कार्यकारी निदेशक (ट्रैक मॉडर्नाइजेशन और मशीन्स) के तौर पर अपनी पिछली भूमिका में, उन्होंने ट्रैक मॉडर्नाइजेशन के कार्यों का कुशल नेतृत्व किया. बढ़े हुए एक्सल लोड और ट्रैफिक को संभालने के लिए ट्रैक मशीन फ्लीट को बढ़ाने पर फोकस किया गया था. एक स्ट्रक्चर्ड रेल ग्राइंडिंग प्रोग्राम पर उनके नेतृत्व के कारण ट्रैक परफॉर्मेंस और लंबे समय तक उपयोग करने में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे भारतीय रेलवे को ऑपरेशनल लाभ मिले हैं. उनके कार्यकाल के दौरान सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धियों में से एक, भविष्य में 25टी एक्सल लोड और हाई स्पीड ऑपरेशन के लिए स्वदेशी मॉडर्न फास्टनिंग सिस्टम को अपनाने की पॉलिसी को अंतिम रूप देना था, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया जा सके. उनके पिछले दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान, 695 ट्रैक मशीनों का ऑर्डर भी दिया गया था.

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