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ट्रेनिंग के बाद नियमित किये गये 77 आयुष चिकित्सक

Updated at : 24 Jul 2024 11:16 PM (IST)
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Electoral Roll Revision

जिले के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य केंद्रों पर की गयी नियमित पोस्टिंग

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कटिहार. जिले में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष डॉक्टरों को जिले के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित पोस्टिंग कर दी है. कुछ महीनो से ले रहे आयुष डॉक्टर ट्रेनिंग के बाद अब सभी को नियमित तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों पर पोस्टिंग कर दिया गया है. इसमें से कुल 77 आयुष डॉक्टर शामिल है. जिसके हाथों में मरीज के उपचार को लेकर दायित्व सौंपा गया है. आयुष डॉक्टर में आयुर्वेद के 34, यूनानी के 18, होम्योपैथिक के 18, विशेषज्ञ आयुर्वेदिक के चार, होम्योपैथिक के दो तथा यूनानी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल है. अब यह सभी डॉक्टर नियमित तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी सेवा देंगे. हालांकि इतनी संख्या में आयुष डॉक्टरों की पोस्टिंग के बाद कई सवाल भी खड़े होने शुरू हो गये हैं. एक आयुष डॉक्टर एक एमबीबीएस डॉक्टर की बराबरी में मरीज का उपचार कैसे करेंगे. बता दें कि इन सभी आयुष डॉक्टर को स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के उपचार को लेकर लगभग चार महीने की ट्रेनिंग दी गई है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रेनिंग के उपरांत सभी को अब नियमित पोस्टिंग दे दी गई है. जिसकी सैलरी एक एमबीबीएस डॉक्टर के ही बराबर है. आयुष डॉक्टर के इस नियमित पोस्टिंग के बाद कई एमबीबीएस डॉक्टर अपना आक्रोश भी जाता रहे हैं. हालांकि सरकार के इस निर्देश के बाद डॉक्टर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर का कहना है कि एक आयुष डॉक्टर और एक एमबीबीएस डॉक्टर की पढ़ाई काफी अलग होती है. एक आयुष डॉक्टर का चिकित्सा पद्धति एमबीबीएस डॉक्टर से भिन्न होती है. सरल भाषा में कहा जाए तो एक आयुष डॉक्टर प्राकृतिक पद्धति होम्योपैथ आयुर्वेद का पढ़ाई करते हैं. जबकि एक एमबीबीएस की पढ़ाई इनसे अलग होती है. दवाई लिखने के मामले में भी यह आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक आयुर्वेद जैसे दवाई मरीज को लिखते हैं. लेकिन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एलोपैथ की दवाई मरीज को दी जाती है. ऐसे में सभी आयुष डॉक्टर को एलोपैथ की दवाई ही मरीजों को लिखना है. ऐसे में एक आज डॉक्टर को मरीज का उपचार करना कितना सही और कारगर हो पायेगा. बरहाल जिले में वर्तमान समय में भी डॉक्टरों की अभी भी भारी कमी है. जिले में लगभग 35 लाख की आबादी में सदर अस्पताल हो या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सभी स्थानों पर डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है. पूरे जिले में जनरल मेडिकल ऑफिसर की 234 पद स्वीकृत है. जिसमें की मात्रा 80 मेडिकल ऑफिसर अपनी सेवा दे रहे हैं. 154 स्थान रिक्त पड़े हुए हैं. 12 फिजिशियन के पद स्वीकृत है. जिसमें मात्र दो फिजिशियन डॉक्टर ही अपनी सेवा दे रहे हैं. ईएनटी डॉक्टर में आठ में एक डॉक्टर मौजूद है. जबकि आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर के जिले में चार पद स्वीकृत है. जिसमें की चारों के चारों पद खाली पड़े हुए हैं. कुल मिलकर सभी विभाग में रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया ऑर्थो आदि कई पदाधिकारी के स्वीकृत पद का लिस्ट दो बड़ा लंबा चौड़ा है. लेकिन उनमें से कहीं आधे तो कहीं एक तिहाई तो कही पूरा स्वीकृत पद ही खाली पड़ा हुआ है. हालांकि आयुष डॉक्टर के नियमित पोस्टिंग के बाद कुछ हद तक मरीज को इनका पूरा लाभ मिलेगा. कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि विभाग के निर्देश के आलोक में आयुष डॉक्टरों की पोस्टिंग हुई है. जिले में लगभग 70 आयुष डॉक्टर की पोस्टिंग कर दी गयी है. सभी ने ज्वाइन कर लिया है. इसमें से देसी चिकित्सालय में भी कुछ डॉक्टर की तैनाती होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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