कटिहार-पटना इंटरसिटी में यात्रा करना दुखदायी
Updated at : 20 Jun 2019 7:54 AM (IST)
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कटिहार : कटिहार-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में भीषण गर्मी में यात्रियों को घुटन भरी यात्रा करने को विवश है. यही हाल पटना-कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस का है. कोच में लगे सभी पंखे नहीं चलने के कारण यात्री गर्मी से काफी परेशान रहते है. ट्रेन प्रतिदिन तीन से चार घंटा विलंब से कटिहार तथा पटना पहुंचती है. […]
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कटिहार : कटिहार-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में भीषण गर्मी में यात्रियों को घुटन भरी यात्रा करने को विवश है. यही हाल पटना-कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस का है. कोच में लगे सभी पंखे नहीं चलने के कारण यात्री गर्मी से काफी परेशान रहते है. ट्रेन प्रतिदिन तीन से चार घंटा विलंब से कटिहार तथा पटना पहुंचती है. यात्रियों को भीषण गर्मी रहने के बावजूद भी भेड़ बकरियों की तरह यात्रा करने को विवश है.
रेल प्रशासन के द्वारा उक्त ट्रेन में बर्थ के अपेक्षा अधिक टिकट बेचकर राजस्व वसूली किया जा रहा है. यात्री की सुख-सुविधा का रेल प्रशासन के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पिछले कई दिनों से सामान्य कोच का सीट हाउसफुल चल रहा है. इसके अलावा ऐसी कार में भी हाउसफुल चल रहा है. लोगों को टिकट तो मिल रहा है. लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिलने के कारण ट्रेन के फर्स पर बैठकर तथा लेट कर यात्रा करने को विवश है. सबसे अधिक परेशानी एसी कार में यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रहा है.
ऐसी कार का किराया 425 रुपये प्रति यात्री को चुकाना पड़ता है. जबकि सामान्य कोच में मात्र 99 रुपये का टिकट है. अमूमन सामान्य कोच वाले एसी कार में अनाधिकृत रूप से प्रवेश पर जाने के कारण आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को एसी कार में सीट उपलब्ध नहीं हो रहा है. जिसके कारण भीषण गर्मी में इन्हें फर्श पर बैठकर यात्रा करना पड़ रहा है.
यात्रियों के द्वारा टीटीआई को शिकायत करने के बावजूद भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को घुटन भरी यात्रा करने को विवश हैं. ट्रेन में टोटल 15 कोच है. जिसमें सामान्य श्रेणी के 9, एसएलआर दो, नन एसी कार तीन, एसी कार एक कोच शामिल है. ट्रेन रविवार को छोड़कर सभी दिन चलती है. कटिहार से सुबह 6:15 बजे पटना के लिए प्रस्थान करती है.
लाखों के राजस्व देने वाली ट्रेन में यात्रियों की फजीहत
ट्रेन में सभी रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री सवार होते हैं. ट्रेन से रेल प्रशासन को प्रतिदिन लाखों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद भी ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को रेल प्रशासन के द्वारा समुचित सुविधा नहीं दिया जाता है. ट्रेन में पेंटी कार की व्यवस्था नहीं है.
जिसके कारण यात्रियों को वेंडर तथा अवैध वेंडर से खाद्य सामग्री खरीदना पड़ता है. कटिहार से पटना की दूरी 290 किलोमीटर है. उक्त दूरी को तय करने के लिए 6 घंटा 20 मिनट निर्धारित किया गया है. लेकिन 10 घंटा से अधिक समय लगता है.
ट्रेन के शौचालय में पानी बरौनी के बाद समाप्त हो जाता है. यात्री को शौचालय जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ट्रेन संख्या 15714 पटना कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस पटना से 2:00 बजे कटिहार के लिए प्रस्थान करने का समय निर्धारित है. लेकिन संध्या 5:00 बजे के बाद ही पटना से कटिहार के लिए ट्रेन प्रस्थान होता है. ट्रेन को 6 घंटा 20 मिनट के जगह पर 12 घंटा से अधिक दूरी तय करने में लगता है.
जिसके कारण यात्रियों को रात्रि के 01 बजे कटिहार रेलवे स्टेशन उतरते हैं. मध्य रात्रि में रेलवे स्टेशन से अपने घर जाने के लिए सड़क मार्ग पर साधन नहीं मिलने के कारण अधिकांश यात्रियों को रातभर रेलवे स्टेशन पर समय बिताना पड़ता है. महीने में दो चार दिन परिचालन रद्द कर दिया जाता है. तो 2-4 दिन मार्ग परिवर्तन कर दिया जाता है. जिसके कारण यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. पिछले 6 अप्रैल से 18 अप्रैल तक या ट्रेन का परिचालन रद्द कर दिया गया था.
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