मरीजों की बीमारी बढ़ा रही गंदगी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सूरत-ए-हाल . सदर अस्पताल की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे सदर अस्पताल की सफाई की हालत ऐसी है कि यहां स्वस्थ व्यक्ति भी एक घंटे रह जाये, तो बीमार होकर लौटेगा. हालांकि अस्पताल प्रबंधन पहले से स्थिति बेहतर होने का दावा कर रहा है. कटिहार : सदर अस्पताल में मरीज दुर्गंध के बीच अपना इलाज कराते […]
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सूरत-ए-हाल . सदर अस्पताल की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे
सदर अस्पताल की सफाई की हालत ऐसी है कि यहां स्वस्थ व्यक्ति भी एक घंटे रह जाये, तो बीमार होकर लौटेगा. हालांकि अस्पताल प्रबंधन पहले से स्थिति बेहतर होने का दावा कर रहा है.
कटिहार : सदर अस्पताल में मरीज दुर्गंध के बीच अपना इलाज कराते हैं. वार्डों की स्थिति तो और भी खराब हालत में है. यहां एक मिनट भी रुकना लोगों पर भारी पड़ता है. हालांकि मरीजों के सामने मजबूरी है कि उन्हें इसी बीच रह कर इलाज कराना है. स्थिति यह है कि यहां स्वस्थ व्यक्ति भी वार्ड में एक घंटे रह जाये, तो बीमार होकर ही लौटेगा. मरीजों द्वारा लगातार शिकायत किये जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. तिनगछिया निवासी मरीज सुरेश पासवान ने कहा कि यह वार्ड पूरी तरह प्रदूषित है. जहां मुझे बेड मिला है, उस बेड पर बैठना भी मुश्किल है. एक तो कमरे की दुर्गंध, दूसरे कमरे के सामने खिड़की के पास गंदगी से यहां रहना मुश्किल हो रहा है. यही हाल कमोवेश महिला वार्ड सहित अन्य वार्डों का है. साफ-सफाई का घोर अभाव है.
महिला वार्ड में दुर्गंध से मरीज परेशान : महिला वार्ड में भी यही हाल है. सबसे बुरा हाल प्रसव गृह का है. प्रसव गृह में तो और भी अधिक सफाई होनी चाहिए, लेकिन यहां भी सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है. आपातकालीन विभाग का भी यही हाल है. इस कक्ष में बारिश का पानी प्रवेश कर जाने से मरीजों काे परेशानी हो रही है. अस्पताल के मुख्य गेट तक बारिश का पानी जमा है. अस्पताल परिसर में पिछले एक माह से जलजमाव है, बावजूद अस्पताल प्रबंधन इसको लेकर गंभीर नहीं है. इसके कारण प्रतिदिन मरीज व उनके परिजनों को परेशानी हो रही है.
ओपीडी के मरीज भी परेशान : ओपीडी में मरीजों के अनुपात में चिकित्सक नहीं हैं. इस वजह से भी पररेशानी हो रही है. ओपीडी के कमरा संख्या एक तथा कमरा संख्या सात में प्रतिदिन एक चिकित्सक लगभग 200 मरीजों की जांच करते हैं. प्रतिदिन मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गयी है.
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