शॉर्ट सर्किट होने से उपभोक्ता हैं परेशान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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हद है. जर्जर तारों में उलझी बिजली आपूर्ति लग रहे नये केबल व ट्रांसफॉर्मर भी गुणवत्ताविहीन कई बार लग चुकी है आग कटिहार : विद्युत विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में पुराने जर्जर तारों को बदलकर नया केबल लगाने का काम पिछले एक वर्ष से जारी है. पर आज भी शहर के कई इलाकों […]
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हद है. जर्जर तारों में उलझी बिजली आपूर्ति
लग रहे नये केबल व ट्रांसफॉर्मर भी गुणवत्ताविहीन
कई बार लग चुकी है आग
कटिहार : विद्युत विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में पुराने जर्जर तारों को बदलकर नया केबल लगाने का काम पिछले एक वर्ष से जारी है. पर आज भी शहर के कई इलाकों में जर्जर तारों को नहीं बदला जा सका है. कहीं-कहीं तो ऐसा है कि बिजली का तार मकड़जाल बन गया है. इसके कारण हमेशा फॉल्ट होता रहता है. विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च कर नया केबल, नया ट्रांसफाॅर्मर पूरे शहरी क्षेत्र में लगाया गया है, लेकिन इन नये केबल व ट्रांसफाॅर्मर में गुणवत्ता नहीं होने के कारण आये दिन केबल में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं. इससे लोग परेशान रहते हैं. अगर जल्द ही इस परेशानी को दूर नहीं किया गया, तो दुर्घटनाओं के बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है.
आये दिन होता है फॉल्ट : शहर के मंगल बाजार से बाटा चौक तक जाने वाली सड़क के बगल में लगाये गये विद्युत पोल में तारों का मकड़जाल फैला हुआ है. आये दिन शॉर्ट सर्किट की घटना होती रहती है. इससे स्थानीय दुकानदारों समेत राहगीरों को हमेशा दुर्घटना की आशंका सताती रहती है. मंगल बाजार में एक पोल से 200 से 250 कनेक्शन दे दिया गया है. इससे तार एक दूसरे में उलझे हुए हैं. कुछ यही हाल गर्ल्स स्कूल रोड का भी है. इस इलाके में भी सैकड़ों तार मकड़जाल की तरह एक दूसरे से उलझे हुए हैं. शहर के अमला टोला गामी टोला इत्यादि जगह पर भी इसी तरह से बिजली की सप्लाई की जा रही है.
नया केबल भी कारगर नहीं : शहरी क्षेत्र में गोदरेज कंपनी की ओर से लगाये गये केबल कारगर साबित नहीं हो रहे हैं. आये दिन इस तार में आग लगने की घटना होती रहती है. ताजा घटना के तौर पर शुक्रवार की सुबह शहर के डेहरिया फीडर में सप्लाई देने वाले ट्रांसफाॅर्मर में सुबह 4:00 बजे केबल में आग लग गयी. इसके कारण आठ घंटे बिजली की आपूर्ति बाधित रही. इतना ही नहीं शहरी क्षेत्र में जितने भी ट्रांसफाॅर्मर लगाये गये हैं, सभी गुणवत्ताविहीन हैं. लगाने के समय से ही कई बार ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने की घटना हो चुकी है. गोदरेज कंपनी ने जब शहरी क्षेत्र में ट्रांसफाॅर्मर लगाने का कार्य शुरू किया था, तब शिव मंदिर चौक के यज्ञशाला के समीप लगाये गये ट्रांसफाॅर्मर में आग लग गयी थी. समाहरणालय के सामने स्थित कारगिल पार्क में लगाये गये ट्रांसफाॅर्मर में भी आग लग गयी थी. इस दुर्घटना में हालांकि जानमाल की क्षति नहीं हुई, लेकिन गोदरेज कंपनी के द्वारा कराये गये कार्य की पोल खुल रही है.
पुराने तार बदले नहीं गये
गोदरेज कंपनी की ओर से शहर में नया केबल लगाया गया है. पर, पुराने जर्जर तार को पोल से हटाया नहीं गया है. कई जगह पर अभी भी उसी पुराने जर्जर तार से बिजली आपूर्ति करायी जा रही है. जर्जर तार नहीं बदलने के कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इतना सब कुछ होने के बावजूद भी बिजली विभाग चुप्पी साधे हुए है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
कार्यपालक अभियंता आपूर्ति सीताराम पासवान ने बताया कि विभाग के पास आइसीडीएस स्कीम आया है. इस स्कीम के तहत जितने भी जर्जर तार हैं या पोल से सप्लाई दी जा रही है. उन्हें दुरुस्त कर लिया जायेगा.
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