ऑपरेशन से लेकर दिल, दांत व किडनी का इलाज महंगा

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कटिहार : जीएसटी की वजह से दिल, आंख व किडनी की बीमारी का इलाज महंगा हो जायेगा. जीएसटी में दवाओं में से लेकर मेडिकल उपकरण के टैक्स स्लैब में बदलाव हुआ है. अब तक इन पर लगने वाला पांच से नौ फीसदी टैक्स बढ़ कर 12 से 18 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा. अगस्त में पहली […]

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कटिहार : जीएसटी की वजह से दिल, आंख व किडनी की बीमारी का इलाज महंगा हो जायेगा. जीएसटी में दवाओं में से लेकर मेडिकल उपकरण के टैक्स स्लैब में बदलाव हुआ है.
अब तक इन पर लगने वाला पांच से नौ फीसदी टैक्स बढ़ कर 12 से 18 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा. अगस्त में पहली बार मेडिकल इक्विपमेंट और दवाइयां नये टैक्स स्लैब के साथ बाजार में आयेंगी. ऐसे में उपचार कराने से लेकर ऑपरेशन कराना महंगा हो जायेगा. विशेषज्ञों ने बताया कि डायलिसिस का सलाना खर्च जहां 15 से 20 हजार रुपये बढ़ जायेगा, वहीं दिल की बीमार के इलाज का खर्च भी 35 हजार रुपये महंगा हाे जायेगा.
पहले डिवाइस पर पांच से छह प्रतिशत था टैक्स, अब 12 से 18 प्रतिशत
क्या हुआ महंगा : दिल को संभालने वाला पेस मेकर दो हजार रुपये से लेकर बीस हजार रुपये महंगा हो गया. ऑटोमेटिक करंट सप्लाई करने वाली डिवाइस (आइसीडी) की कीमत 40 हजार से एक लाख रुपये तक ज्यादा हो जायेगी
एक्सपर्ट : वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियाेलॉजिस्ट डॉ आशीष सिन्हा के मुताबिक, अब तक तो पुराने इक्विपमेंट चल रहे थे. लेकिन अब हमें नये इक्विपमेंट नये रेट पर मंगाने हाेंगे. इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ेगा.
डायलिसिस पर सबसे ज्यादा मार
क्या हुआ महंगा : डायलिसिस के लिए उपयोग किये जाने वाले ट्यूब, कैथेटर, डाइलाइजर सब महंगे हो गये. यहां तक कि ऑक्सीजन पर भी पांच की जगह अब 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा. इससे एक बार की डायलिसिस पर लगने वाला खर्च 300 से 500 रुपये और बढ़ जायेगा.
एक्सपर्ट : जो मरीज साल में 120 या 140 डायलिसिस कराता है, उसे अब 40 हजार रुपये ज्यादा देने होंगे. इसी तरह ऑक्सीजन का रेट 60 से 80 रुपये प्रति घंटा बढ़ कर 100 से 150 रुपये प्रति घंटा हो जायेगा.
दांतों में भरने वाला पाउडर हुआ महंगा
क्या हुआ महंगा : दांतों को भरने वाला पाउडर जो पहले 5 से 12 प्रतिशत कर अदा करना होता था. जीएसटी लागू होने पर 28 प्रतिशत कर लगेगा. एक्सपर्ट : दंत विशेषज्ञ डॉ अद्वैत मंडल के मुताबिक, डेंटल चिकित्सा को कॉस्मेटिक वर्ग में रखा गया है. क्योंकि दंत चिकित्सा लोग अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए करते हैं. जिससे दंत चिकित्सा में उपयोग होने वाले समानों में जीएसटी लागू होने पर महंगी हो गयी है. जीएसटी के लागू होने पर से अप्रत्यक्ष रूप से मरीजों पर ही दबाव बनेगा. क्योंकि जब कोई वस्तु को महंगे दामों पर खरीदेगा तो उसमें मुनाफा कमा कर मजबूरन महंगे दामों पर ही मरीजों को मिलेगा.
महंगा होगा हड्डी संबंधी रोगों का इलाज
क्या हुआ महंगा : सरकार हार्ट स्टेंट की तरह ही इंप्लांट की कीमतें तय करने में जुटी है. आपरेशन में लगने वाले सपोर्टिव आइटम जैसे, नी कवर, फिंगर कोट, बेल्ट समेत आइटम पर आठ से 28 प्रतिशत तक टैक्स लगेगा.
एक्सपर्ट : हड्डी रोग चिकित्सक डॉ प्रेम रंजन ने कहा कि हड्डी के ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाला मशीन जैसे नीजॉइंट, एल्बो जॉइंट आदि में 5 से 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगेगा.अभी तक जीएसटी का प्रभाव असमंजस की स्थिति में है, आने वाले समय में ही साफ हो पायेगा.
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