पहाड़ की तलहटी वाले गांवों में पानी को लेकर मचा हाहाकार
Published by : VIKASH KUMAR Updated At : 26 Mar 2026 4:24 PM
प्रखंड क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही पहाड़ की तलहटी के पास बसे गांवों सहित अन्य इलाकों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच गया है
लेयर भागने से बढ़ी मुसीबत, प्यास से बेहाल पशु व राहगीर रामपुर. प्रखंड क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही पहाड़ की तलहटी के पास बसे गांवों सहित अन्य इलाकों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच गया है. क्षेत्र में आये दिन यह आलम देखने को मिल रहा है कि दर्जनों गांवों में चापाकल खराब पड़े हैं. इससे पशुपालक अपने पशुओं की प्यास बुझाने के लिए अन्य गांवों में भटकने को मजबूर हैं. एक तरफ बढ़ते तापमान से ताल-तलैया सूखने के कगार पर हैं, तो दूसरी तरफ पीएचइडी द्वारा लगाये गये लगभग सभी चापाकल बंद पड़े हैं. इससे जीव-जंतुओं के अलावा राहगीरों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि खजुरा गांव के खोह में अवस्थित वन सती मां के स्थान के पास विभाग द्वारा चापाकल लगाया गया था. इसके बारे में जानकारी देते हुए खजुरा गांव के पंकज कुमार, रामप्रवेश चौधरी व लक्ष्मी कुमारी सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि अभी से ही लेयर भागने लगा है. साथ ही चापाकल मरम्मत के अभाव में बंद पड़ा है. जंगल की तलहटी में मात्र एक ही चापाकल है, वह भी खराब है, जबकि इस क्षेत्र में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. इसके अलावा थिलोई, मडैचा, आदमापुर, विच्छिबांध, भीतरीबांध मंदिर सहित दुर्गावती जलाशय के रास्ते व बेलांव गांव के विद्यालय के पास भी चापाकल छोटी-मोटी कमियों के कारण बंद पड़े हैं. भीषण गर्मी को लेकर सरकार द्वारा अनेकों निर्देश दिये जा रहे हैं, फिर भी क्षेत्र में पानी को लेकर त्राहिमाम मचा है. ग्रामीण तो ग्रामीण, अब पशु भी पानी के लिए तरसने लगे हैं. इस संबंध में पीएचइडी के जेइ ने संपर्क करने पर कहा कि अभी बड़े चापाकलों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, छोटे चापाकलों के सुधार के लिए भी जल्द ही प्रयास किया जायेगा.
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