आरएसडीसी कॉलेज में जांच के लिए पहुंची विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय टीम

आरएसडीसी यानी राजर्षि शारिवाहन डिग्री कॉलेज भगवानपुर में मंगलवार को विश्वविद्यालय से जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम पहुंची, जिसके द्वारा पूरे दिन अनुदान की राशि वितरण में लगाये गये अनियमितता के आरोप की गंभीरता से जांच की गयी
भगवानपुर. आरएसडीसी यानी राजर्षि शारिवाहन डिग्री कॉलेज भगवानपुर में मंगलवार को विश्वविद्यालय से जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम पहुंची, जिसके द्वारा पूरे दिन अनुदान की राशि वितरण में लगाये गये अनियमितता के आरोप की गंभीरता से जांच की गयी. जांच टीम में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के डॉ (प्रो.) धीरेंद्र सिंह (विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र) संयोजक रूप में वहीं दो अन्य सदस्य संतोष तिवारी व स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के प्रो डॉ मुकेश कुमार मौजूद रहे. उक्त जांच टीम द्वारा कॉलेज के जनप्रतिनिधि सदस्य सह स्थानीय विधायक व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां द्वारा कॉलेज में सरकार की तरफ से प्राप्त अनुदान राशि के वितरण में अनियमित व भेदभाव का आरोप लगाते हुए लिखे गये कुलपति को पत्र पर बिंदुवार जांच की गयी. मंत्री द्वारा जहां एक तरफ अनुदान की राशि वितरण में अनियमितता व भेदभाव का आरोप लगाया गया, वहीं दूसरी तरफ अवैध तरीके से शासी निकाय का अध्यक्ष और सचिव चयन किये जाने का भी आरोप लगाया गया है. साथ ही उक्त काॅलेज में शासी निकाय द्वारा बैठक कर लिये गये निर्णय को अमान्य ने घोषित करते हुए शासी निकाय को भंग कर उनकी अध्यक्षता में तदर्थ समिति गठित करने की भी मांग की गयी है. इस पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के लिखे गये पत्र में उठाये गये बिंदुओं की जांच के लिए की गयी थी. टीम द्वारा मंगलवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के पत्र के बिंदुओं पर विस्तार से जांच की गयी. = कॉलेज के कर्मियों से लेकर प्रिंसिपल सचिव तक से ली गयी जानकारी जांच टीम द्वारा आने से पहले कॉलेज के प्रिंसिपल को सूचना दी गयी थी और सभी कर्मियों को जांच के दिन उपस्थित रखने के लिए कहा गया था. प्रिंसिपल द्वारा इसकी नोटिस जारी कर सबको सूचना दे दी गयी थी. कॉलेज के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्य से जुड़े सभी कर्मी मौजूद थे. इसके अलावा काॅलेज के प्राचार्य से लेकर सचिव, अध्यक्ष सभी लोग मौजूद रहे. जांच की करीब एक घंटे तक कॉलेज की शिक्षक व गैर शैक्षणिक कार्यों से जुड़े कर्मियों से जहां पूछताछ की, वहीं कॉलेज के कई दस्तावेजों की भी जांच की. जहां कहीं भी जांच टीम को आवश्यकता हुई कॉलेज के प्राचार्य सचिव से इसके बाबत जानकारी भी ली गयी. मंगलवार को लगभग पूरे दिन टीम द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर जांच की गयी व सभी लोगों से पूछताछ कर जानकारी इकट्ठा की गयी. इसके अलावा अनुदान की राशि को कैसे वितरण किया गया है, किन लोगों को कितनी राशि दी गयी है अनुदान की राशि देने का आधार क्या है, इन सभी चीजों की जानकारी जांच टीम द्वारा इकट्ठा की गयी. = जांच टीम के सामने भी स्पष्ट रूप से दिखायी गुटबंदी जांच टीम के सामने भी राजर्षि कॉलेज में दो गुटों के बीच चल रही गुटबंदी स्पष्ट रूप से दिखायी पड़ी. एक गुट जांच टीम को यह बताने में जुटा हुआ था कि सब कुछ यहां पर ठीक-ठाक चल रहा है. दूसरा गुट भी जांच टीम के पीछे-पीछे लग रहा और गड़बड़ियों की शिकायतकर्ता नजर आया. जांच टीम के सामने भी स्पष्ट रूप से यह देखने को मिला कि कॉलेज में गुटबंदी चरम पर है. एक गुट स्पष्ट रूप से जांच टीम को यह बताना चाहता था कि यहां पर कुछ भी गड़बड़ नहीं है. कुछ लोग अपने निजी लाभ के लिए अनावश्यक रूप से कॉलेज के शैक्षणिक कार्य को बाधित करने में लंबे समय से प्रयासरत है. वहीं दूसरा गुट भी वहीं पर जांच टीम को यह बताने का प्रयास कर रहा था कि यहां काफी गड़बड़ी है. = विश्वविद्यालय को सौंपी जायेगी रिपोर्ट जांच टीम के संयोजक सह अर्थ शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो डॉ धीरेंद्र सिंह ने बताया कि बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने शासी निकाय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हमारे यूनिवर्सिटी के कुलपति को पत्र लिखा था. इस पर कुलपति के आदेश पर हम जांच कर रहे हैं. इसके लिए कॉलेज के सभी टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ से व्यक्तिगत रूप से भी हमारी टीम ने बात की, अभी भी जांच जारी है, जांच रिपोर्ट वीकेएसयू के कुलपति को सौंपी जायेगी.
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